जौनपुर। शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के समधीपुर गांव में 27 सितंबर को हुई अधिवक्ता जितेंद्र यादव की हत्या के मामले में कोर्ट ने चार सगे भाइयों समेत सात आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पिछले दिनों सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज व अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रजनेश कुमार ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को उन्होंने फैसला सुनाया।
अभियोजन के अनुसार शाहगंज थाना क्षेत्र के समधीपुर गांव निवासी जितेंद्र यादव दीवानी न्यायालय में अधिवक्ता थे। 27 सितंबर 2015 को उनकी हत्या कर दी गई थी। भाई धीरेंद्र यादव ने संबंधित थाने में केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि मुकदमें की रंजिश को लेकर पट्टीदार ओमप्रकाश, शिव प्रकाश, जयप्रकाश, सुभाष, संजय, विजय बहादुर, करिश्मा, प्रतिभा, शिवांगी ने कुल्हाड़ी, गड़ासे और लाठी से जानलेवा हमला कर जितेंद्र की हत्या कर दी। उनकी पत्नी मंजू व बहन ललिता को भी प्राणघातक चोट पहुंचाया। ललिता की 4 उंगलियां कट गई। मंजू व ललिता का काफी दिनों तक इलाज चला। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। एडीजीसी अनिल श्रीवास्तव, प्रवीण सिंह, राजनाथ चौहान ने 12 गवाहों का बयान कराते हुए अभियोजन पक्ष से पैरवी की। आरोपियों की निशानदेही पर कत्ल प्रयुक्त हथियार बरामद हुए। प्रतिभा व शिवांगी के नाबालिग होने के कारण उनकी पत्रावली अलग कर दी गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व साक्ष्यों के परीक्षण के बाद सात आरोपितों को हत्या का दोषी करार दिया था। बुधवार को फैसला सुनाया। सजा पाने वाले ओमप्रकाश, सुभाष, जयप्रकाश और शिव प्रकाश सगे भाई हैं, जबकि करिश्मा जयप्रकाश की पत्नी है। संजय, शिव प्रकाश का बेटा और विजय बहादुर ओमप्रकाश का पुत्र है।