उसी समय रामकुमार ने बंदूक से फायर किया जो लाल बहादुर को लगी और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसके बाद कमलेश, दशरथ, व जसवंत तमंचा से लालजी को भी गोली मारकर जख्मी कर दिए। रामनिहोर के अनुसार जब वह लोग लाल बहादुर के शव के पास जाना चाहे तो अन्य अभियुक्त हाथ में लाठी-डंडा और गड़ासा लेकर ललकारते हुए उन लोगों को दौड़ा लिए।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। वहीं, इसी प्रकरण से जुड़े मारपीट के क्रॉस मुकदमे में अदालत ने 10 अभियुक्तों लालजी, बचाऊ, राजकुमार, रामआसरे, घनश्याम, विद्यासागर, बचनू राम, शिवशंकर, दूधनाथ और श्यामलाल को तीन वर्ष के कारावास और सात-सात हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।