लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित
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देश को सशक्त बनाने के लिए छत्रपति शिवाजी का भाव हर भारतीय में आना जरूरी है। उनका संघर्ष, संकल्प और मातृभूमि के प्रति उनका प्रेम अनुकरणीय है। अंतिम सांस तक उन्हें श्री काशी विश्वनाथ को मुक्त कराने की चिंता थी। उन्होंने मल्हार राव होल्कर से कहा था कि आप वचन दो कि काशी विश्वनाथ मुक्त करोगे, क्योंकि उनके जीवन में ही औरंगजेब ने काशी विश्वनाथ मंदिर का ध्वंस किया था। उनका सपना आज भी अधूरा है।
यह कहना है 2008 मालेगांव विस्फोट मामले में बरी हुए कर्नल प्रसाद पुरोहित का। सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में कर्नल पुरोहित ने कहा कि बनारस देश का अनाहद चक्र है। यहीं से राष्ट्र को ऊर्जा मिलती है। 18वीं सदी में केरल के महाराज ने हिंदी में कविता लिखी विश्वेश्वर दर्शन करो चलो मन काशी...। उस कालखंड में भाषा के तट तोड़कर हिंदी की यह रचना करना दर्शाता है कि काशी भारतीय जनमानस में कहां-कहां तक है। यहां से जो ऊर्जा का विसरण होता है वह संपूर्ण राष्ट्र के जन-जन तक पहुंचती है। यहां आकर उसका अनुभव होता है। काशी देश को संदेश देती है।
कर्नल पुरोहित ने कहा कि मैं तो हर साल यहां ऊर्जा लेने के लिए पितृपक्ष में आता हूं। यहां लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं, आए दिन कहीं न कहीं बैरिकेडिंग होती है। स्थानीय लोगों को परेशानी भी होती है लेकिन कोई प्रशासन का विरोध नहीं करता है। किसी के चेहरे पर शिकन देखने नहीं मिलती है। यह सीख पूरे राष्ट्र को लेनी चाहिए, खासकर हम महाराष्ट्र के लोगों को कि अतिथि देवो भव: का भाव कैसा होना चाहिए? काशी प्रयागराज और अयोध्या का त्रिकोण देश का दिल है। काशी आकर जो स्पंदन महसूस होता है वह कहीं और नहीं होता। यहां कभी भी परायापन नहीं लगता है।
केस खत्म बात खत्म, किसी से कोई शिकवा गिला नहीं
मालेगांव विस्फोट मामले के सवाल पर कर्नल प्रसाद पुरोहित ने कहा कि उन्होंने इस बारे में आज तक कोई बात नहीं कि और वह इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहते हैं। केस खत्म बात खत्म, किसी से कोई शिकवा गिला नहीं है। बाबा विश्वनाथ से न्याय की कामना की थी, न्याय मिला। संघर्ष जीवन का अटूट हिस्सा है। अच्छा काम खत्म नहीं होना चाहिए। देश को एकसूत्र में पिरोने के लिए छत्रपति शिवाजी के राष्ट्रवाद व हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को अपनाना होगा। अभी तो सेना में हूं नौकरी चल रही है, भविष्य के बारे में कुछ सोचा नहीं है।