जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी/दुर्गा क्षमा, शिवा धात्री स्वह स्वधह नमस्तुते....। दुष्टों का संहार और भक्तों का कल्याण करने वाली जगत जननी जगदंबा की उपसना का नौ दिवसीय वासंतिक नवरात्र 29 मार्च से आरंभ होगा। अमावस्या तिथि सोमवार की सुबह 9:34 से आरंभ होकर मंगलवार की सुबह 8:14 तक रहेगा। ऐसे में सूर्योदय काल में अमावस्या से युक्त प्रतिपदा होने से नवरात्र का मान्य नहीं होगा। इसके अलावा द्वितीया भी क्षयवती प्राप्त हो रही है। ऐसे में दोनों तिथियों का मान बुधवार को होगा। काशी में नौ दुर्गा के स्वरूपों मे शैलपुत्री और ब्रह्मचारिणी तथा नौ गौरी के स्वरूपों में मुखनिर्मालिका और ज्येष्ठा गौरी की आराधना बुधवार को होगी। देवी मंदिरों को सजाया-संवारा जा रहा है।
सनातनधर्मी परिवारों में कलश स्थापन की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है। कलश स्थापना घर-घर में की जाएगी। खास तौर से प्रथम दिन मां शैलपुत्री के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का काशी में रेला उमड़ेगा। इसके लिए शैलपुत्री माता मंदिर के शिखर से लेकर दीवारों तक को रंग-रोगन करने के साथ ही सजाया-संवारा जा रहा है। काशीपुरा में काशी देवी, शीतला माता, दुर्गाकुंड की दुर्गा देवी के मंदिरों को चमकाया जा रहा है। फूलों-लतरों से सजे देवी दरबारों में श्रद्धालुओं का रेला बुधवार की आधी रात से ही उमड़ने लगेगा। उधर, वासंतिक नवरात्र शुरू होने के मद्देनजर सोमवार को नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने अधीनस्थों के साथ विभिन्न देवी स्थलों और पूजा मंदिरों का निरीक्षण किया। नवरात्र में सभी मंदिराें की सफाई, प्रकाश और सड़क को दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2074) की पूर्व संध्या पर सोमवार को हिंदू युवा वाहिनी मैदागिन कार्यालय से शोभयात्रा निकाली गई। चितरंजन पार्क तक निकाली गई यात्रा बुलानाला, चौक, गोदौलिया, दशाश्वमेध घाट होते हुए चितरंजन पार्क पहुंची। बतौर मुख्य अतिथि योगी रामनाथ, विशिष्ट अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष मनीष पांडेय ने नव वर्ष पर विस्तार से प्रकाश डाला। सभा को संबोधित करते हुए वाहिनी के मंडल प्रभारी अंबरीश सिंह भोला ने कहा कि भगवा ध्वज, हिदुत्व को आत्मसात कर ही भारतीय संस्कृति की आने वाली पीढ़ी को धरोहर के रुप में प्रदान कर सकते हैं। इस दौरान मनीष मिश्रा, विनय जायसवाल, जयजीत कुशवाहा, सतीश वर्मा, प्रमोद चौरसिया सहित कई लोग मौजूद रहे।