तेंदुआ गेहूं के जिस खेत में छिपा था, उसके चारों तरफ जाल लगा दिया गया। शोर होने पर तेंदुआ जाल के नीचे से निकलकर बगल के गांव अब्बासनगर के पास स्थित झाड़ी में जा छिपा। बाद में उसे ड्रोन कैमरे की मदद से खोजा गया और जिस झाड़ी में छिपा था उसे चारों तरफ से जाल से घेर कर पिजड़ा भी लगा दिया गया।
गोरखपुर और महराजगंज डीएफओ की टीमें भी ट्रैक्यूलाइजर गन के साथ सतर्क थी। कड़ी मशक्कत के बाद शाम को वन कर्मियों ने तेंदुए को अब्बासनगर के पास एक झाड़ी से दबोच लिया। हालांकि तेंदुए के हमले में एक वनकर्मी घायल हो गया। ग्रामीणों के अनुसार 15 अप्रैल को एक तेंदुआ नगवां नवपुरा गांव के पास दिखाई दिया था। सीओ कासिमाबाद ने बताया कि ड्रोन कैमरे से तेंदुए के होने की पुष्टि के साथ ही घेरेबंदी की गई है।