श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए दी गई दान राशि वापस मांगने संबंधी बयान को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ, काशी क्षेत्र के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में दिग्विजय सिंह के उस कथित सार्वजनिक वक्तव्य का उल्लेख है, जिसमें उन्होंने 111000 रुपये की दान राशि वापस लेने और न्यायालय जाने पर विचार करने की बात कही थी। शशांक शेखर ने दान के विधिक चरित्र का उल्लेख कर कहा कि विधिपूर्वक दिए गए दान को केवल इच्छा बदलने के आधार पर वापस नहीं लिया जा सकता।
शशांक शेखर ने दिग्विजय सिंह को व्यक्तिगत रूप से 111000 रुपये की धनराशि देने की पेशकश की है। कहा कि दिग्विजय सिंह को वास्तव में राशि वापस चाहिए तो उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से विवाद करने की जरूरत नहीं है।
इस पेशकश के लिए तीन शर्तें रखी गई हैं। पहली, दिग्विजय सिंह अपनी मूल दान रसीद या उसकी सत्यापित प्रति प्रस्तुत करें। दूसरी, धनराशि प्राप्त करने के बाद हस्ताक्षरित प्राप्ति रसीद दें। तीसरी, यह स्पष्ट किया जाए कि इस राशि की वापसी के लिए राम मंदिर या संबंधित ट्रस्ट के विरुद्ध कोई दावा नहीं किया जाएगा।
शशांक शेखर ने कहा, भगवान श्रीराम किसी राजनीतिक दल के नहीं हैं। यदि दिग्विजय सिंह को अपनी दान राशि वास्तव में वापस चाहिए तो एक रामभक्त और अधिवक्ता के रूप में 1 लाख 11 हजार रुपये देने को तैयार हूं।