क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह ने चेताया कि संजय सिंह की तरफ से जल्द मुकदमा दर्ज नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय का घेराव होगा। प्रदर्शन के दौरान नारे भी खूब लगाए गए। करणी सेना के जिलाध्यक्ष आलोक सिंह ने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर एकतरफा हस्तक्षेप कर रहे हैं, जिससे निष्पक्ष जांच में बाधा आ रही है।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश सिंह अलगू भी घायल संजय सिंह के समर्थन में उतरे। पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। भाजपा के ब्लॉक प्रमुख चिरईगांव अभिषेक सिंह चंचल, किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह जित्तू, प्रधान संघ चिरईगांव के अध्यक्ष संजीव सिंह, शत्रुघ्न सिंह, उपेंद्र प्रताप सिंह, अजित सिंह मुन्ना, राघवेंद्र सिंह, अतुल कुमार सिंह, चंदन सिंह, दिनेश सिंह, आशीष सिंह शामिल रहे।
शाम तक पुलिस समझाने में जुटी रही। एसीपी सारनाथ विजय प्रताप सिंह ने लोगों को समझाया कि उच्चाधिकारियों से वार्ता के बाद मामले में पुलिस ठोस कदम उठाएगी। प्रदर्शन को देख चोलापुर, लालपुर-पांडेयपुर और सारनाथ थाने की फोर्स भी मौजूद रहीं।
पुलिस की मौजूदगी में एंबुलेंस में चढ़कर पीटा गया
छितौना गांव में पांच जुलाई की सुबह संजय सिंह के खेत में पशु चरने को लेकर राजभर समाज के बीच मारपीट और तलवारबाजी हुई। इसमें राजभर समाज के चार लोग छोटू राजभर, भोला राजभर, राम गुलाम राजभर और सुरेंद्र राजभर घायल हुए तो दूसरे पक्ष से संजय सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर चौबेपुर थाने पहुंचे और संजय सिंह, अमित सिंह और अनुराग समेत अज्ञात पर हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कराया। पुलिस ने अमित और अनुराग को गिरफ्तार कर दूसरे दिन जेल भिजवाया।
नरपतपुर पीएचएसी से एंबुलेंस से शहर की ओर जाते समय संजय सिंह पर हमला भी किया गया। इसका वीडियो भी वायरल है। पहले ही दिन करणी सेना विरोध में उतरी और कैबिनेट मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला। थानाध्यक्ष रविकांत मलिक ने बताया कि एहतियातन गांव में फोर्स तैनात है।