भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने राष्ट्रीय कृषि नवाचार निधि योजना के तहत क्षितिज-2.0 कार्यक्रम का शुभारंभ किया है। यह एक इंक्यूबेशन कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य कृषि-व्यवसाय उपक्रमों को गति देना है। इसका लक्ष्य अगली पीढ़ी के कृषि-नवप्रवर्तकों और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना है।
संस्थान के निदेशक राजेश कुमार के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में एक जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है। इसके तहत फसल उत्पादन, कटाई-पश्चात प्रबंधन और आपूर्ति शृंखला जैसे क्षेत्रों में नवाचारी समाधानों को समर्थन मिलेगा। क्षितिज-2.0 स्थानीय नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, छात्रों और शोधकर्ताओं को एक मंच प्रदान करेगा। यह उन्हें अपने विचारों को बाजार-तैयार उद्यमों में बदलने में मदद करेगा। ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 1 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित समाधान रखने वाले आवेदन कर सकते हैं।
चयनित स्टार्टअप्स को लाभ : चयनित स्टार्टअप्स को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और उद्यमिता प्रशिक्षण मिलेगा। उन्हें उन्नत शोध प्रयोगशालाओं और बुनियादी ढांचे तक पहुंच प्राप्त होगी। प्रोटोटाइप विकास, सत्यापन और व्यावसायीकरण में भी सहायता दी जाएगी। उद्योग जगत के नेताओं और निवेशकों के साथ नेटवर्किंग के अवसर भी मिलेंगे। परियोजना के मुख्य अन्वेषणकर्ता सुदर्शन मौर्य ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया की जानकारी संस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध है।