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Varanasi News: पिछले साल 1 अगस्त को खतरे के निशान तक थीं गंगा, इस बार 9 मीटर नीचे

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वाराणसी। सावन और गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए प्रशासन ने शनिवार को काशी के प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 61.92 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल जलस्तर स्थिर बना हुआ है। वहीं, पिछले वर्ष एक अगस्त को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 71 मीटर के करीब पहुंच गया था। जबकि इस साल अभी 9 मीटर नीचे है। वहीं, वरुणा का जलस्तर 68.15 मीटर है।
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए ललिता घाट पर स्टील की रेलिंग लगाई गई है। बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा और वरुणा नदियों के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों और कुछ घाटों की सीढ़ियों तक पानी पहुंचने लगा है। जल पुलिस ने दशाश्वमेध, अस्सी, राजघाट, नमो घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों पर गश्त बढ़ा दी है। नाव संचालकों को निर्धारित सीमा के भीतर ही नाव संचालन करने तथा क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। घाटों पर लगातार मुनादी कर लोगों से गहरे पानी में न उतरने की अपील की जा रही है। उधर, वरुणा नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। इसे देखते हुए गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग के साथ पुलिस और गोताखोरों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है।
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