सारी रात शहर में कोहरे की चादर तनी रही और सर्द पछुआ हवाओं के चलते मंगलवार को भी शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। दोपहर तक वातावरण में धुंध छाई रही और धूप निकली भी तो बेअसर रही।
न्यूनतम पारा चार डिग्री सेल्सियस तक गिर गया जबकि अधिकतम तापमान 16 डिग्री पर रहा। एक पखवाड़े पड़ रही कड़ाके की ठंड से जीवन का सुर-ताल बदल गया है। लोगों की कार्यक्षमता प्रभावित हुई है। दिहाड़ी मजदूरों और फेरी लगाने वालों के सामने रोजी का संकट पैदा हो गया है।
विद्युत वितरण व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई है। बार-बार ट्रिपिंग हो रही है। मौसम विज्ञानियों ने फसलों को पाले से बचाने के लिए सिंचाई की सलाह दी है। बीएचयू की कृषि मौसम सेवा इकाई के कोआर्डिनेटर डॉ. आरएस सिंह ने बताया कि दो दिनों तक मौसम के तेवर ऐसे ही रहेंगे। उसके बाद दक्षिण-पूर्वी हवाएं पूर्वांचल में प्रवेश करेंगी तब जाकर थोड़ी राहत मिलेगी।