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चंदौली में सीजन की सबसे बड़ी आग: एक दिन में आठ गांवों की 203 बीघे से ज्यादा गेहूं की फसल राख, बिलख पड़े किसान

Sat, 11 Apr 2026 09:49 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, चंदौली।

सार

Chandauli News: तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते करीब 150 बीघा फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई। सैकड़ों किसान लाठी-डंडा, पानी, झाड़ू और ट्रैक्टर के सहारे आग बुझाने में जुटे रहे, लेकिन धुएं और लपटों के आगे उनकी कोशिशें बेअसर साबित हुईं। 
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खेत में लगी भीषण आग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: जिले में शनिवार का दिन किसानों के लिए किसी आपदा से कम नहीं रहा। अलग-अलग क्षेत्रों में लगी भीषण आग ने एक ही दिन में 203 बीघे से अधिक गेहूं की खड़ी फसल को जलाकर राख कर दिया। इस आगजनी से आठ गांवों के 30 से ज्यादा किसानों की सालभर की मेहनत चंद घंटों में खाक हो गई, जिससे पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।

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सबसे ज्यादा नुकसान सकलडीहा तहसील क्षेत्र में हुआ, जहां अमावल, डैना, मनियापुर और बभनपुरा गांवों में दोपहर के समय अचानक लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। डैना के लालू यादव का चार बीघा, मनियारपुर अशोक पांडेय दो बीघा, सुरेन्द्र पांडेय बभनपुरा 6 बीघा,फूलचंद यादव डैना एक बीघा,नन्हकू राय बभनपुरा दो बीघा, विमल यादव एक बीघा, केशव राजभर डेढ़ बीघा,संत लाल यादव 18 बिस्सा, छविनाथ यादव एक बीघा,विजयी तिवारी ढाई बीघा, विद्या जयप्रकाश यादव 15 बिस्वा, डा. मोहन दूबे 2 बीघा,राधेश्याम तिवारी ढाई बीघा, मृत्युंजय तिवारी तीन बीघा, प्रभु तिवारी तीन बीघा आदि किसानों की करीब 150 बीघा से अधिक फसल जलकर राख हो गई।

बिजली की चिंगारी से 30 बीघा फसल जली
अलीनगर थाना क्षेत्र के भूपौली गांव सभा के चकिया मौजा में बिजली खंभा के जंफर से निकली चिंगारी से लगी आग के कारण लगभग 30 बीघा के करीब फसल जलकर राख हो गई। हालांकि ग्रामीणों के अथक प्रयास के बाद आंग पर किसी प्रकार काबू पाया गया।

क्षेत्र के भूपौली पावर हाउस की बिजली आपूर्ति गेहूं कटाई को लेकर शाम 5:00 बजे से की जा रही है। शनिवार को 5:00 बजे बिजली आपूर्ति की गई। इसी दौरान चकिया मौजा के सिवान में लगे विद्युत खंभा के जंफर से शॉर्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी से आग लग गई। देखते ही देखते आग विकराल रूप धारण कर लिया। सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण लाठी डंडा झाड़ू पानी व ट्रैक्टर के रोटावेटर से आंग पर काबू पाने का काफी प्रयास किया। 

तब तक मिट्ठू यादव, मंगरु यादव, मुरारी यादव, रामशरण, विनोद यादव, दिनेश,आनंद,बेचन यादव, मनमोहन, विमला देवी, सुरेंद्र यादव,देवेंद्र यादव,नागेंद्र यादव,महेंद्र यादव,अंकुर, केशव आदि लोगों के लगभग 20 एकड़ गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। हालांकि इसके बाद ग्रामीणों ने आग पर किसी प्रकार काबू पाया। जबकि सूचना के बाद भी फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर नहीं पहुंचने से किसानों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

बीड़ी की चिंगारी से ढाई बीघा खेत जला
सकलडीहा थाना क्षेत्र के रामपुर में मजदूर द्वारा गेहूं की कटाई करते समय बीड़ी पीकर खेत में माचिस की तिल्ली फेंक देने से लगी आग के कारण गंजख्वाजा गांव के किसान राजकुमार यादव का 10 विश्वा, जयराम यादव का 15 विश्वा, बबलू राम का एक बीघा यानि कुल ढाई बीघा के करीब गेहूं जलकर राख हो गया। हालांकि ग्रामीणों की अथवा प्रयास के बाद आग पर किसी प्रकार काबू पाया गया।

तेल्हरा गांव में गेहूं के खेत में लगी आग, छह बीघा फसल राख
कंदवा क्षेत्र के तेल्हरा गांव में शनिवार की दोपहर गेहूं की खेतों में आग लग गई। आग से तीन किसानों के छह बीघा फसल जल कर राख हो गई। लोगों की सूचना पर फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों की सहायता से आग बुझाई। तेल्हरा गांव में शनिवार की दोपहर में गांव के किसान खेतों में काम कर रहे थे। इसी बीच खेत में आग लग गई। यह देख ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने में जुट गए।

इस बीच तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलने लगी। सूचना पाकर अग्निशमन दल भी मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। इससे अन्य खेतों तक आग नहीं पहुंची। आग से श्रीराम सिंह का एक एकड़, हरिशंकर सिंह का एक एकड़ और चंद्रशेखर सिंह का करीब दो एकड़ गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई।

घटना से प्रभावित किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पूर्व ग्राम प्रधान विजय शंकर सिंह ने जिला प्रशासन से पीड़ित किसानों को अहेतुक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके। इस संबंध में एसडीएम सदर दिव्या ओझा का कहना है कि इस घटना में हुए नुकसान के आकलन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पालपुर में आगजनी से 15 बीघा गेहूं की फसल जली
शहाबगंज क्षेत्र के पालपुर गांव में शनिवार की दोपहर में गेहूं के खेत में आग लग गई। आग से लगभग 15 बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद आग बुझाई। खेत में लगी आ से किसान हजरत, महेन्द्र खरवार, अरविंद प्रजापति, हरिवंश, अशोक और घुरहू सहित कई अन्य किसानों की फसल जलकर नष्ट हो गई। 

किसानों ने बताया कि उन्होंने कड़ी मेहनत और लागत लगाकर फसल तैयार की थी, लेकिन एक ही झटके में सब कुछ खत्म हो गया। किसानों ने प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। थानाध्यक्ष प्रियंका सिंह ने बताया कि आग से किसानेां की फसल नष्ट हुई है। राजस्व विभाग आगे की कार्रवाई में जुटा है।

तहसील मुख्यालय पर दमकल वाहनों की मांग
सकलडीहा के किसानों ने आरोप लगाया कि हर साल किसानों की हजारों बीघा फसल जलकर खाक हो जाती है। किसान पूरे साल मेहनत करते फसल तैयार करता है। अचानक आग लगने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है। आग लगने के बाद समय से दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंचती है। छोटे दमकल वाहन बगैर पानी वाला मौके पर आता है। पानी की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी होती है। संजोग अच्छा रहा कि समीप में नहर रहा। वरना यह विकराल रूपी आग गांव की बस्ती में पहुंच जाने से बडा हादसा हो सकता था।
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सकलडीहा में गेहूं की पूरी कटाई तक फायर ब्रिगेड की स्थायी तैनाती हो-सांसद
सकलडीहा में भीषण आग की सूचना पर चंदौली के सांसद वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होने बताया कि सकलडीहा तहसील अंतर्गत डैना, बभनपुरा और अमावल ग्राम सभाओं में शनिवार को लगी भीषण आग ने किसानों की लगभग 200 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई है। सांसद ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष निर्देश देते हुए कहा कि जब तक फसल की कटाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक सकलडीहा तहसील क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की स्थायी तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फसल क्षति का सर्वेक्षण पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि कोई भी प्रभावित किसान मुआवजे से वंचित न रह जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी बिना किसी देरी के राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनके हर संकट में उनके साथ खड़ा रहना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही प्रशासन से अपेक्षा जताई कि वह संवेदनशीलता और तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता दे।
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