वाराणसी। हमेशा बड़े सपने देखने का साहस रखिए तभी आप कुछ बड़ा करने की सोच सकेंगे और जिंदगी में असल मायनों में सफल होंगे। इसी संदेश के साथ जापान के सॉफ्टबैंक कारपोरेशन के प्रेसिडेंट और सीईओ निकेश अरोड़ा ने शनिवार को यहां आईआईटी बीएचयू के चौथे दीक्षांत समारोह में आईआईटियंस को तरक्की की राह दिखाई। अपने दीक्षांत भाषण में मुख्य अतिथि निकेश अरोड़ा ने कहा कि हर काम को ‘हां’ करने की आदत डालें। कुछ नया सीखने की बात हो या कुछ नया करने की, हमेशा तैयार रहिए। फेल होने का डर मन में बिल्कुल मत रखिए तभी आप कुछ बड़ा कर पाएंगे।
बीएचयू से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले निकेश दुनिया के तीसरे सबसे अधिक वेतन पाने वाले सीईओ हैं। आईआईटियंस की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि कभी कोई गलती हो जाए तो कुछ देर के लिए रुकिए, पुनर्विचार करिए और फिर से उसे सही करने के लिए आगे बढ़ जाइए। युवाओं को यह भी सीख दी कि आप जिंदगी में सब कुछ हासिल करने के पीछे भागिए जरूर लेकिन अपने आप के लिए और अपने परिवार के लिए भी वक्त जरूर निकालिए। जिंदगी के हर पल को इंज्वाय करिए।
दीक्षांत समारोह के दूसरे मुख्यअतिथि आईआईएम अहमदाबाद के प्रो. अनिल कुमार गुप्ता ने भी स्नातकों को दूरदर्शिता का महत्व समझाया। कहा, हमेशा दीर्घकालिक नजरिये के साथ आगे बढ़ें। सुसंस्कृत और सभ्य समाज दूर की सोचता है। आप भी दूर की सोचिए। कहा कि समाज को उत्कृष्ट बनाना है तो उत्कृष्टता का मानक सबके सामने होना चाहिए ताकि आगे उससे भी बेहतर
किया जा सके। उन्होंने प्रकृति के प्रति संवेदनशील रहने की अपील स्नातकों से की। कहा, हमेशा ये सोचिए कि ‘प्रकृति में कुछ भी ज्यादा नहीं है’। स्नातकों को हमेशा सीखते रहने की सलाह देते हुए कहा कि आपकी शिक्षा यहां खत्म नहीं हुई, बल्कि आज से शुरू हुई है। आपने जितना कुछ सीखा है उसे खाली करिए। नया सीखिए और इस प्रवृत्ति को हमेशा अपनाए रखिए।