वाराणसी। पिता की मृत्यु के छह साल बाद कथित फर्जी मुख्तारनामा के आधार पर जमीन का बैनामा कराने के मामले में कैंट पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर राजेश कुमार जायसवाल, रन्नो देवी, संजय कुमार और अजीत कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि पिता की गंभीर बीमारी का फायदा उठाकर मुख्तारनामा तैयार कराया गया और उनकी मृत्यु के बाद भी उसके आधार पर जमीन का बैनामा करा दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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चितईपुर थाना क्षेत्र के आदित्य नगर, करौंदी निवासी विजय कुमार के मुताबिक, उनके पिता स्व. लालमन मौजा करौंदी, परगना देहात अमानत की जमीन में सह-स्वामी थे। आरोप है कि पिता के गंभीर रूप से बीमार रहने के दौरान परिवार के परिचित राजेश कुमार जायसवाल ने इलाज कराने का बहाना बनाकर 27 जनवरी 2003 को अपने पक्ष में मुख्तारनामा निष्पादित करा लिया।
विजय के अनुसार, पिता की मृत्यु 13 दिसंबर 2003 को हो गई थी। बावजूद राजेश कुमार ने कथित तौर पर खुद को मुख्तार बताते हुए 13 फरवरी 2009 को 159.53 वर्गमीटर जमीन का बैनामा रन्नो देवी के पक्ष में करा दिया। यह बैनामा उप निबंधक सदर, वाराणसी के कार्यालय में पंजीकृत कराया गया। पीड़ित का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद मुख्तारनामा के आधार पर बैनामा कराना धोखाधड़ी और कूटरचना है। थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर 15 जुलाई 2026 को पुलिस आयुक्त को प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।