पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में लालटेन लेकर विकास ढूंढने आए बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के साथ ऐसा वाकया हो जाएगा, उन्होंने सोचा भी नहीं था। चौक में मंगलवार की शाम राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की जनसभा के दौरान कार्यकर्ताओं की भीड़ और धक्कामुक्की से मंच टूट गया।
मंच तब टूटा जब लालू भाषण देने वाले थे। इससे कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया। संयोग था कि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। उसी मंच पर लालू ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिन लाने के नाम पर सिर्फ जनता को धोखा दिया है।
कहा कि नोटबंदी से न तो कालाधन निकला, न युवाओं को रोजगार मिला। इस झूठ का जवाब देना होगा। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने पिंडरा और रामनगर में मंगलवार को हुई सभाओं में अपने चिरपरिचित अंदाज से भीड़ को हंसाते-हंसाते लोटपोट कर दिया।
उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का कोई ठिकाना नहीं है कि कब कहां क्या बोल देंगे। बिहार में जब आए थे तब उन्होंने कहा था कि बिहारियों के डीएनए में खराबी है, अब बोलते हैं कि यूपी ने मुझे गोद ले लिया है।
‘यूपी के लोग नि:संतानी हैं क्या रे...?’
lalu yadav
- फोटो : अमर उजाला
लालू ने सवाल किया कि तो क्या यूपी के लोग नि:संतानी हैं क्या रे...? ई बुढ़वा को भला कौन गोद लेगा? इस तरह के आदमी के फेरा में मत रहिए। लालू ने दोहराया कि मोदी-ट्रंप दोनों जुड़वा भाई की तरह हैं।
यूपी के चुनाव में भाजपा का भंडाफोड़ हो गया। इसीलिए मैं बिहार से लालटेन लेकर आया हूं। मोदी ने कहा था कि काशी को क्योटो बना देंगे। ये कर देंगे, वो कर देंगे। क्या किया, कहां किया..? यही देखने लालटेन लेकर आया हूं।
कहा कि बिहार में जब अमित शाह गए थे, तब मैंने एक अच्छे होटल में रुकवाया था। उसी होटल की लिफ्ट में वह फंस गए थे। फंसने के बाद उन्होंने कहा था कि लालू-नीतीश मुझे मरवाना चाहते हैं। तब मैंने कहा था कि लिफ्ट आदमी के लिए होता है, कउनो गैंडे के लिए नहीं...। लोग ठहाका लगाने लगे।
लालू ने वोटरों को सजग किया कि मशीन के बटन तब तक मत छोड़िएगा, जब तक पी... न बोल दे। बीजेपी वालों का कोई ठीक नहीं है, मशीन खराब भी कर सकते हैं।