ऐसे में संभावनाएं जताई जा रही हैं कि यूपी में तृणमूल कांग्रेस ललितेश पति त्रिपाठी की अगुवाई में विधानसभा चुनाव में उतर सकती है। वहीं, राज्यसभा की राह भी औरंगाबाद हाउस के लिए खुल सकती है। हालांकि, ललितेश पति ने चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि फिलहाल इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ है।
चुनाव हारने के बाद ही अलग-थलग से पड़ गए थे ललितेश
प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर ताजपोशी का सपना संजोएं पूर्व मुख्यमंत्री पं. कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेश चुनाव हारने के बाद ही अलग-थलग से पड़ गए थे। पार्टी ने प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी तो सौंपी लेकिन शायद यह उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के अनुरूप नहीं था। नक्सली क्षेत्र होने के बावजूद ललितेश ने मड़िहान से 2012 में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। यह उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी। युवाओं के चहेते और पूर्वांचल में बड़ा चेहरा होने के बावजूद पार्टी की ओर से ललितेश को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था