ओलंपियन ललित का टीम में चयन की खबर मिलने के बाद उनके गांव भगतपुर में खुशी छा गई। उनके बडे़ भाई अमित उपाध्याय ने बताया कि बीते कुछ वर्षों में भारतीय टीम का एशियन चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जिस तरह का प्रदर्शन रहा, उसे देख विश्व कप में पदक की उम्मीदें बढ़ी हैं।
ललित बीते दो विश्व कप में भारतीय टीम के सदस्य रह चुके हैं इस बार तीसरा मौका मिला है तो कोई कोर कसर बाकी नहीं होगा, इस बार पदक पक्का है। ललित इससे पहले वर्ष 2014 में नीदरलैंड में और 2018 भुवनेश्वर में आयोजित हॉकी विश्व कप में खेल चुके हैं।
ललित उपाध्याय के माता-पिता
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हालांकि इसमें भारतीय टीम को शीर्ष तीन टीमों में भी जगह नहीं मिल पाई थी। पिता सतीश उपाध्याय ने बेटे तीसरी बार विश्व हॉकी प्रतियोगिता में चयन पर खुशी जताते हुए कहा बाबा विश्वनाथ की असीम कृपा से बीते कुछ वर्षों में भारतीय टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। इस बार भी टीम देश के लिए पदक लाएगी।
अपने 15 साल से अधिक के करियर में तीन बार एशियन चैंपियनशिप में दो बार स्वर्ण और एक बार कांस्य पदक, विश्व लीग मैच में कांस्य पदक, बर्मिंघम राष्ट्रमंडल में रजत, एशिया कप में स्वर्ण, एशियाई खेल में कांस्य और ओलंपिक में कांस्य पद जीतने वाली टीम के सदस्य रहे। इसके अलावा राष्ट्रीय और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं हिस्सा ले चुके है।