लोकार्पण के 199 दिनों के बाद चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर पर 200 गड्ढे हैं। सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी की कारस्तानी के चलते जनता के जान पर बन आई है। अब तक इसे दुरुस्त कराने की दिशा में कोई काम शुरू नहीं हुआ है। यही स्थिति रही तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता है। 1710 मीटर के फ्लाईओवर, सर्विस रोड और एप्रोच मार्ग खस्ताहाल हैं। यह हालत तब है, जब जिला, राज्य और केंद्र से लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
काशी की जनता को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को लोकार्पण किया था। 171 करोड़ रुपये की लागत से बने फ्लाईओवर की समस्याओं को झांकने के लिए न तो सेतु निगम के अधिकारी गए और ना ही पीडब्ल्यूडी के अधिकारी। इन विभाग के अधिकारियों ने जनता को राम भरोसे छोड़ दिया है। लहरतारा से चौकाघाट और चौकाघाट से लहरतारा की ओर आने जाने वाले फ्लाईओवर के ऊपर गड्ढे हादसों को दावत दे रहे हैं। यही नहीं दोनों तरफ की सर्विस रोड भी खराब हो गई हैं, जिसके चलते आवागमन पर असर पड़ रहा है। फ्लाईओवर की सड़क जगह-जगह दब गई है। एप्रोच मार्ग के पास सड़क दबकर गड्ढे में तब्दील हो गई है।