वाराणसी। मुक्ति की कामना से नगर वधुओं ने बाबा लाट भैरव के दरबार में हाजिरी लगाई। मां भैरवी से शादी रचाने की रस्म पूरी होने के बाद शनिवार को बाबा लाट भैरव मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया। लग्न मंडप में बारातियों के रूप में गणों के साथ बाबा ने खिचड़ी खाई। इस अवसर पर रजत आभूषणों से बाबा का भव्य शृंगार किया गया था। बाबा की नयनाभिराम झांकी के दर्शन के लिए देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा।
शनिवार को बाबा की नयनाभिराम झांकी हर किसी को भाव-विभोर कर गई। इससे पहले बाबा का पंचोपचार पूजन करने के बाद अभिषेक किया गया। बाबा के विवाहोत्सव के उपलक्ष्य में लाट भैरव स्थित रामजानकी बाग के मैदान में नृत्यांगनाओं ने बाबा के चरणों में रात को नृत्य-संगीत से हाजिरी लगाई। देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। खिचड़ी की रस्म के बाद शाम छह बजे बाबा की आरती उतारी गई। इस दौरान श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए लाइन में लगे रहे। बाबा को भोग लगाने के बाद बारात में शामिल गणों के बीच प्रसाद के रूप में पूड़ी, सब्जी, खीर सहित अन्य पकवान परोसे गए। इसके बाद लाट भैरव अथवा कपाल भैरव प्रबंध समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। बाबा के विवाहोत्सव के उपलक्ष्य में नृत्यांगनाओं ने बाबा के चरणों में रात को नृत्य-संगीत से हाजिरी लगाई। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष हरिहर पांडेय, उपाध्यक्ष बसंत सिंह राठौर, छोटे लाल जायसवाल, झन्ना लाल, गणेश सेठ, दिनेश बाबा, बच्चे लाल बिंद, अंकित जायसवाल, ओम प्रकाश प्रजापति समेत सैकड़ों भक्तगण मौजूद रहे