गुर्दा की बीमारी से पीड़ित छात्र कुंदन चौबे के इलाज में बीएचयू मदद करेगा। बीएचयू अस्पताल में भर्ती कुंदन से मिलने के बाद कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने कुंदन के परिवार और दोस्तों को इलाज में हर संभव मदद का भरोसा दिया।
हालांकि सुबह जब साथी छात्र इस मसले को लेकर कुलपति से मिलने केंद्रीय कार्यालय पहुंचे तो वहां हंगामा हो गया। छात्रों का आरोप था कि वीसी ने उनकी बात नहीं सुनी और उल्टे आरोप मढ़ दिए।
छात्रों ने जब वीसी के बर्ताव का विरोध किया तो प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्य छात्रों से उलझ गए। 15 मिनट तक कार्यालय परिसर में हंगामे की स्थिति रही। बाद में किसी तरह वीसी वहां से निकल पाए।
मालूम हो कि एमए द्वितीय वर्ष का छात्र कुंदन गुर्दा की बीमारी से पीड़ित है। उसकी दोनों किडनी खराब हो चुकी है। परिवार की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। सोमवार को विभाग के छात्र-छात्राएं कुलपति से कुंदन के इलाज में आर्थिक मदद की मांग लेकर वीसी से मिलने पहुंचे थे।
छात्रों का आरोप है कि बातचीत के दौरान कुलपति ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें भगा दिया। इसके बाद छात्र केंद्रीय कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया। करीब साढ़े बारह जब कुलपति केंद्रीय कार्यालय से निकलने लगे तो हंगामा कर रहे छात्रों को उन्होंने समझाने का प्रयास किया।
आश्वासन दिया कि छात्र के इलाज में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। बावजूद इसके छात्र उनकी गाड़ी रोकने का प्रयास करने लगे। इसे लेकर सुरक्षाकर्मियों और छात्रों के बीच नोकझोंक भी हो गई। हंगामा देखते हुए मौके पर लंका थाने की पुलिस भी पहुंच गई थी।
उधर, स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम से खाली होकर कुलपति पीड़ित छात्र से मिलने अस्पताल पहुंचे। उसका हाल जानने के बाद उन्होंने उसके परिवार वालों से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कहा कि छात्र की दवाइयों का खर्च विश्वविद्यालय प्रशासन उठाएगा। उसकी स्थिति सामान्य होने पर उसे आगे के इलाज के लिए एम्स (दिल्ली) भेजा जाएगा।