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कवि कुमार विश्वास ने सुनाई कविताएं तो युवाओं ने मिलाई आवाज

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वाराणसी में शुक्रवार को खुशीपुर ‌स्थित एसएमएस के स्‍थापना दिवस पर काव्य पाठ करते कुमार विश्वास ?
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युवाओं के दिल की धड़कन कवि कुमार विश्वास मंच पर हों तो महफिल खुद ब खुद जम जाती है। रोहनिया स्थित स्कूल मैनेजमेंट साइंसेज के स्थापना दिवस समारोह आधारशिला को कुमार विश्वास ने अपनी कविताओं से यादगार बना दिया। महफिल में प्यार की कशिश थी तो ठहाका लगाने के लिए बेहतरीन हास्य व्यंग्य भी भरपूर था। राजनीति तंज पर युवाओं ने जमकर तालियां बजाईं तो रूमानी रचनाओं ने दिल के हर कोने को छू लिया।
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शुक्रवार को कुमार विश्वास ने जब इश्क की खूशबू में भीगी हुई रूमानी कविता तुम्हारे ख्वाब में आने की हसरत आज भी है पर सुना है द्वार पर पलकों के पहरेदार बैठे हैं...सुनाई तो पूरा हाल तालियों से भर गया। उन्होंने जब किसी के दिल की मायूसी जहां से होके गुजरी है, हमारी सारी चालाकी वहीं पर खोकर गुजरी है...सुनाई तो युवाओं का उत्साह चरम पर था। कुमार विश्वास ने अपनी मशहूर कविता कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है सुनाई तो मौके पर मौजूद हर शख्स उनकी आवाज से आवाज मिलाकर गुनगुना उठा।
कुमार विश्वास के गीतों का खुमार ऐसा था कि युवाओं को संभालना मुश्किल हो रहा था। हालांकि कुमार विश्वास ने हुए पैदा की धरती पर आबाद हंगामा, जवानी को हमारी कर गया बर्बाद हंगामा, हमारे हाल पर तकदीर ने यह लिख दिया जैसे हमारे सामने है हमारे बाद हंगामा...सुनाकर युवाओं को जोश से भर दिया। उन्होंने मावस की काली रातों में..., इस अधूरी जवानी का क्या फायदा, बहुत बिखरा बहुत टूटा थपेड़े सह नहीं पाया..., जख्म भर जाएंगे तुम मिलो तो सही, दिल संवर जाएंगे तुम मिलो तो सही...सहित कई कविताओं को सुनाया। उन्होंने युवाओं से अपील भी कि आप देश की प्रगति में सहायक बनें।
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जाम में फंसे कुमार विश्वास
वाराणसी। एसएमएस के वार्षिक समारोह में नियत समय से डेढ़ घंटे की देरी से पहुंचने पर कुमार विश्वास ने उपस्थित लोगों से क्षमा मांगते हुए कहा कि बनारस के जाम में फंसने के कारण विलंब हो गया।
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