जानकारी के मुताबिक क्षत्रिय महासभा के प्रदेश संरक्षक हरिशंकर सिंह मुन्ना की अगुवाई में कार्यकर्ता मंगलवार की दोपहर 12 बजे संदहा पहुंचे और दोपहर 12.25 तक ने जाम लगाकर धरना दिया। हरिशंकर ने कहा कि समाज के खिलाफ किसी तरह की टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संजय व उनके साथ पूरा समाज खड़ा है। जिला और पुलिस प्रशासन ने 48 घंटे के भीतर मामले में प्रभावी कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
डीएम और अपर पुलिस आयुक्त भी पहुंचे, चार थानों की पुलिस ने प्रदर्शकारियों को संदहा में ही रोका
प्रदर्शन की सूचना पाकर जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) शिवहरी मीणा भी पहुंच गए। चार थानों की पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों को संदहा में ही रोके रखा गया। कोई भी छितौना गांव तक नहीं पहुंच सका। चौबेपुर, लक्सा, लालपुर-पांडेयपुर और कपसेठी थाने की पुलिस ने भी सख्ती बनाए रखी। तनाव को देखते हुए सीआरपीएफ, रैपिड एक्शन फोर्स, आरएएफ, पीएसी भी बुलाई गई। भगतुआ, बलुआ, जाल्हपुर, शंकरपुर रिंगरोड, संदहा सहित प्रमुख मार्गों की तरफ किसी को नहीं जाने दिया गया। लगा कि पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील कर दिया गया। राजवारी टोल प्लाजा, बलुआघाट, जाल्हूपुर, संदहां में लगे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी भी की जा रही है।
उदय प्रताप कॉलेज के पीछे लक्ष्मणपुर में रहने वाले चिरईगांव के ब्लाक प्रमुख अभिषेक सिंह चंचल को शिवपुर पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। इस मामले में ब्लाक प्रमुख ने प्रदर्शन भी किया था। पुलिस को लग रहा था कि क्षत्रिय महासभा के समर्थन में अभिषेक पहुंच सकते हैं। आसपास के जिलों में भी समर्थक थाने पर बैठाए गए। बाद में निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
कैथी टोल प्लाजा पर वाहनों की जांच, राकेश सिंह को चोलापुर थाने पर बैठाया
क्षत्रिय महासभा के प्रदर्शन को देखते हुए कैथी टोल प्लाजा पर वाहनों को रोका गया। तलाशी भी ली गई।क्षत्रिय महासभा गाजीपुर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह को चोलापुर थाने पर बैठाया गया। मंगलवार की देर शाम निजी मुचलके पर छोड़ा गया। इसी तरह कई वाहनों को पुलिस ने जहां तहां रोका। कैथी टोल प्लाजा के प्रबंधक प्रवीण कौशिक ने बताया कि चेकिंग अभियान के चलते कई वाहन चालक पुलिस को देखकर दूसरे रास्तों से चले गए। इससे एनएचएआई को राजस्व का नुकसान भी हुआ।
मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के गुड़िया बॉर्डर पर दोपहर 11 बजे भदोही से वाराणसी की सीमा में करणी सेना के प्रवेश करने की सूचना पर डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल के नेतृत्व में चेकिंग अभियान चलाया गया। गुड़िया गांव स्थित बॉर्डर पर बैरिकेडिंग करने के साथ ही भदोही से आने वाले वाहनों की तलाशी हुई।
- पांच जुलाई को भाजपा के बूथ अध्यक्ष संजय सिंह और गांव के भोला राजभर के बीच विवाद हुआ था। घटना के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर मौके पर पहुंचे और छोटू राजभर की तरफ से पैरवी की। मामले में संजय सिंह व उनके परिजनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया।
- सात जुलाई को करणी सेना और क्षत्रिय महासभा से जुड़े लोगों ने प्रदर्शन किया। मामले में कई भाजपा नेता भी कूदे। चिरईगांव के ब्लाक प्रमुख सहित कई नेताओं ने यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर के खिलाफ नारेबाजी की।
- आठ जुलाई को पुलिस ने दूसरे पक्ष के भोला राजभर सहित छह नामजद व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया।
- 10 जुलाई को भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडेय और भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल सहित अन्य नेताओं ने अस्पताल जाकर संजय सिंह का हाल जाना।
- 13 जुलाई को सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और भोला राजभर के समर्थन में प्रदर्शन किया।
- 14 जुलाई को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक की। साथ ही छितौना गांव में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दिया। इसके बावजूद क्षत्रिय महासभा के लोगों ने मंगलवार यानी 15 जुलाई को प्रदर्शन किया।
क्या बोले अधिकारी
पुलिस की सतर्कता के चलते बाहरी जनपदों से आने वाले समर्थकों को कमिश्नरेट में प्रवेश नहीं होने दिया गया। एहतियातन सभी मार्गों पर पुलिस समेत आरएएफ, पीएसी की तैनाती है। छितौना के ग्रामीण भी पुलिस के सहयोग में है। बाहरी लोगों पर विशेष निगरानी की जा रही है। -प्रमोद कुमार, डीसीपी वरूणा जोन
भड़ाकाऊ बयान और माहौल खराब करने में भारतीय भैरव समाज पार्टी के अध्यक्ष आदित्य राजभर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। आरोप है कि आदित्य ने सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिये समाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया। वहीं, दीनानाथ राजभर के खिलाफ भी आईटी एक्ट में केस दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया की कड़ी निगरानी रखी जा रही है।