पन्नालाल पार्क विद्युत उपकेंद्र में एक जीप फूंक दी गई थी। अस्सी पोस्ट ऑफिस पर जमकर तोड़फोड़ की गई थी। लंका, दुर्गाकुंड, कमच्छा, भिखारीपुर, भोजूबीर, शिवपुर, गोदौलिया सहित शहर के अधिकांश इलाकों में मुलायम सिंह यादव का पुतला फूंक कर तोड़फोड़ की गई थी। वाराणसी से गाजीपुर होते हुए गुजरने वाली 250 बसों का परिचालन ठप हो गया था। इसके साथ ही बलिया से लेकर मऊ, गाजीपुर होते हुए प्रयागराज तक कृष्णानंद राय समर्थकों का गुस्सा जमकर देखने को मिला था।
नंद किशोर रूंगटा का घर
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जनवरी 1997 में कोयला व्यापारी और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कोषाध्यक्ष नंदकिशोर रूंगटा का उसके घर से अपहरण कर लिया गया था, फिर हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, रूंगटा के परिवार से पांच करोड़ रुपये की फिरौती की मांगी गई थी। परिवार ने 1.5 करोड़ रुपये दे भी दिए थे। इसके बावजूद रूंगटा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में माफिया मुख्तार अंसारी का नामजद किया गया था। मुख्तार के गैंगचार्ट में भी इस हत्याकांड का ब्योरा दर्ज है। हत्या के बाद नंद किशोर का शव तक नहीं मिला था।
इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ मोहम्मदाबाद थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही एक आरोपी एजाजुल हक की मौत हो गई, जबकि माफिया मुख्तार अंसारी और उसके सांसद भाई अफजाल अंसारी के खिलाफ सुनवाई जारी है।