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UP: स्टिंग के सातवें दिन कृष्णा अस्पताल भी सील, नोटिस का जवाब न मिलने पर कार्रवाई; महिला मरीजों को किया रेफर

Wed, 01 Jul 2026 05:56 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, मऊ।

सार

Mau News: जिले के दोस्तपुरा स्थित कृष्णा हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग ने अबॉर्शन, सरोगेसी समेत अवैध गतिविधियों की शिकायत पर सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान संचालक फरार हो गया। अस्पताल में भर्ती दो महिला मरीजों को जिला अस्पताल भेजा गया। मेडिकल स्टोर भी सीज किया गया।
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स्टिंग के सातवें दिन कृष्णा अस्पताल भी सील। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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UP News: स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के दोस्तपुरा स्थित कृष्णा हॉस्पिटल को सीज कर दिया। अस्पताल के खिलाफ लंबे समय से अबॉर्शन, सरोगेसी समेत अन्य अवैध गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। कार्रवाई के दौरान अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया, जबकि अस्पताल में भर्ती दो महिला मरीजों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार कृष्णा हॉस्पिटल के खिलाफ लगातार गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों के आधार पर अस्पताल संचालक को पहले नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के भीतर कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन सिंह के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को अस्पताल पहुंची और औचक निरीक्षण किया।
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जांच के दौरान टीम ने अस्पताल में दो महिला मरीजों को भर्ती पाया। मरीजों की सुरक्षा और बेहतर उपचार को ध्यान में रखते हुए उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद अस्पताल परिसर को खाली कराते हुए वहां मौजूद स्टाफ और अन्य लोगों को बाहर कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर को भी सीज कर दिया।

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अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल का पंजीकरण जिस व्यक्ति के नाम पर है, वह कभी अस्पताल में मौजूद नहीं मिलता। निरीक्षण के दौरान भी संचालक मौके पर नहीं मिला और कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया। अस्पताल के संचालन और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में अनियमितताएं और अवैध गतिविधियां प्रमाणित होती हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि अस्पताल की गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब न मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अस्पताल और उसकी दवा दुकान को सीज किया गया है।

उन्होंने कहा कि जिले में बिना मानकों के संचालित अस्पतालों और अवैध चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह पहले भी स्वास्थ्य विभाग ने जिले के कई निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया था, जिसमें दो अन्य अस्पतालों पर भी सील की कार्रवाई की गई थी।
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