वाराणसी। कोरोना मरीजों के इलाज को लेकर भले ही शासन ने फीस का निर्धारण कर दिया हो, लेकिन अभी भी अस्पतालों में मनमानी जारी है। केवल जांच नहीं बल्कि इलाज के नाम पर भी मरीजों से मनमाना पैसे लिए जा रहे हैं। इसके बाद भी अस्पतालों में डॉक्टरों के समय से न आने, इलाज में लापरवाही की शिकायतें भी कम नहीं हैं।
कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए शासन ने नियमानुसार 15 से 18000 तक का हर दिन फीस निर्धारित किया है। लेकिन अस्पतालों की ओर से इलाज में 20 से 30 हजार रुपये अलग अलग मदों में दिखाकर लिए जा रहे हैं। जबकि शासन की ओर से निर्धारित फीस में परामर्श के साथ ही अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं।
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शासन प्रशासन तक हर दिन पहुंच रहीं शिकायतें
मरीजों के इलाज में लापरवाही की शिकायतें रोजाना शासन और प्रशासन तक पहुंच रही हैं। इसमें मरीजों के परिजन इलाज के नाम पर अधिक पैसे लेने की शिकायत कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी कोई ठोस कार्यवाही न किए जाने की वजह से ही इस तरह की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। अगर स्वास्थ्य विभाग मरीजों से मनमानी करने वालों पर कोई ठोस कार्रवाई करे तभी अंकुश लगना संभव है।
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केस 1
अखरी बाईपास स्थित एक अस्पताल में 60 वर्षीय कोरोना संक्रमित मरीज 24 अप्रैल को भर्ती हुए। 8 मई को परिजनों ने खुद डिस्चार्ज कराकर ले जाना चाहा तो उन्हें अस्पताल की ओर से 7.18 लाख का बिल मिला। इसके बाद परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों के मुताबिक यहां वेंटिलेटर तो दूर पंखा भी नहीं चल रहा था। परिजन परेशान हैं।
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केस दो
अर्दली बाजार स्थित एक कोविड हास्पिटल में 67 वर्षीय महिला मरीज ने इलाज कराया। यहां उससे 4 लाख का बिल दिया गया। परिजनों ने बताया कि एडवांस भी पहले ही दो लाख जमा कराया गया। उन्होंने डीएम से कार्रवाई की मांग की है।
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