तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण ने अब वाराणसी में चल रही विकास परियोजनाओं की चाल भी बिगाड़नी शुरू कर दी है। अप्रैल से जून तक में पूरी होने वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के समय सीमा पर असर पड़ सकता है। कारण, ज्यादातर प्रोजेक्ट पर मजदूरों की संख्या कम होने के साथ ही अधिकारी भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम में जुट गए हैं।
मार्च महीने में पूरा होने वाला जापान सरकार से सहायतित रुद्राक्ष कंवेंशन सेंटर, रमना एसटीपी, आशापुर रेलवे ओवरब्रिज, कज्जाकपुरा रेलवे ओवरब्रिज का काम अब अंतिम चरण में है। मगर, अप्रैल के पहले सप्ताह से ही कोरोना संक्रमण तेज होने के बाद इन परियोजनाओं पर काम बहुत धीमा हो गया है।
15 अप्रैल से शुरू होनी थी एसटीपी, अब मई तक उम्मीद
रमना और रामनगर एसटीपी पर ट्रायल रन शुरू कर दिया गया था। 15 दिन के ट्रायल रन के बाद 62 एमएलडीए मलजल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से शोधित होकर निकलेगा। इस ट्रायल रन में शुरूआती चार-पांच दिन तो ठीक काम चला, मगर अचानक संक्रमण की रफ्तार बढ़ने के बाद यहां काम धीमा हो गया है। अब उम्मीद की जा रही है कि स्थिति सामान्य होने के बाद मई तक इस एसटीपी का फिर से सही तरीके से ट्रायल रन कर शुरू किया जाएगा।
फिनिशिंग का काम अटका
नगर निगम के ठीक बगल में बन रहे जापान और भारत की दोस्ती के प्रतीक रुद्राक्ष कनवेंशन सेंटर का निर्माण तो पूरा हो गया है। मगर, अब वहां फिनिशिंग का काम पूरा किया जा रहा है। मगर, नगर निगम का पूरा मैनपावर अब सेनिटाइजेशन, कंटेनमेंट जोन सहित अन्य कामों में जुट गया है। ऐसे में यहां अंदर कुर्सी, एसी सहित अन्य इस तरह के काम में अब और समय लग जाएगा।
आरओबी पर आधे से भी कम हुए मजदूर
आशापुर रेलवे ओवरब्रिज का काम अप्रैल में पूरा किया जाना था। सरकार ने इसके लिए 12 करोड़ की धनराशि जारी की कर दी थी और करीब दो फीसदी काम ही बचा है। ऐसे ही कज्जाकपुरा रेलवे ओवरब्रिज का काम भी काफी धीमा हो गया है। कारण, यहां लगे मजदूरों की संख्या अचानक से कम हो गई है।
विकास कार्यों को भी समय पर पूरा कराएंगे। इसके लिए कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं। अभी ऐसी स्थिति नहीं है कि मैनपावर की कमी आए। कार्यदायी एजेंसी अपना काम समय पर पूरा करें। - दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त