काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव बुधवार को पालकी पर सवार होकर तीन थाना क्षेत्रों के मुआयने पर निकले। मौका था बाबा की स्वर्ण-रजत प्रतिमा की 63वीं वार्षिक शोभायात्रा का। शोभायात्रा में सजी झांकियां भक्तों के आकर्षण का केंद्र रहीं। बाबा के जयकारे लगाकर और पालकी से सजे रथ को खींचकर भक्त निहाल हो गए। चौखंभा स्थित काठ की हवेली से निकली यह शोभा यात्रा विभिन्न इलाकों से होते हुए कालभैरव मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई।
सुगंधित और रंग बिरंगे फूलों से सजे रथ पर सुबह पालकी को विराजित किया गया। स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी के पदाधिकारियों कृष्ण कुमार सेठ, सत्यप्रकाश सेठ, राजू वर्मा व सत्यनारायण सेठ ने प्रतिमा की पूजा की। इसके बाद बसंत सिंह ने अपने परिवार के सदस्यों के अलावा भक्तों के साथ मिलकर बाबा के रथ को खींचा। इसी के साथ शोभायात्रा शुरू हो गई। चौखंभा से शोभायात्रा जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंज महादेव, दारानगर, मध्यमेश्वर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुंआ, गोलघर होते हुए दोपहर में कालभैरव मंदिर पहुंची। इस दौरान यह शोभायात्रा कोतवाली, जैतपुरा और चौक थाना क्षेत्रों से गुजरी। बाजेगाजे के साथ निकली काशी के कोतवाल की शोभायात्रा में पांच घोड़ों पर राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूप सवार होकर चल रहे थे
काली, दुर्गा की प्रतिमाओं के लाग विमान भी आकर्षण का केंद्र बने रहे। स्वागत द्वारों के पास भक्तों के लिए शीतल पेय और ड्राइ फ्रूट्स के पैकेट भी बांटे जा रहे थे। शोभा यात्रा में विधायक श्यामदेव राय चौधरी, भाजपा नेता दयाशंकर मिश्रा दयालू, मनोज यादव, कैलाश सिंह विकास, श्यामसुंदर सिंह, बृजकिशोर दास, दिनेश प्रजापति, सीताराम केसरी, अजीत सिंह, किशोर सेठ, जितेंद्र सेठ, रविशंकर सिंह, राजेंद्र मिश्र, अजय वर्मा, घनश्याम सेठ, राजेंद्र कुमार सराफ, मुरलीधर सेठ, विनोद सेठ, मुरली मनोहर सिंह, शैलेष वर्मा, दुर्गा प्रसाद एडवोकेट व महेश सिंह सहित सैकड़ों भक्त शामिल रहे।