श्रीविद्या साधना पीठ नगवां में चल रहे 21 दिनों से मां ललिता महात्रिपुरसुंदरी के कोटि अर्चन के अंतिम दिन बसंत पंचमी पर संपूर्ति समारोह का आयोजन हुआ। धर्मसम्राट स्वामी करपात्री महाराज के शिष्य स्वामी दत्तात्रेयानन्दनाथ (पं. सीताराम कविराज) के आविर्भाव शताब्दी महोत्सव मनाया गया। अंतिम निशा में रात्रि जागरण कर मां ललिता की आराधना की। मां का स्वर्णाभूषणों से दिव्य स्वर्ण शृंगार हुआ। सितारविद पं. देवब्रत मिश्र ने शास्त्रीय संगीत की तान छेड़ मां ललिता की आराधना की। उन्होंने बनारसी अंग गायकी के बाद राग भैरवी में निबद्ध भवानी दयानी भजन की प्रस्तुति की। तबले पर प्रशांत मिश्र ने संगत की। इसके पूर्व सुबह पीठाध्यक्ष स्वामी प्रकाशानंदनाथ महाराज ने सविधि पूजन किया। विद्वत गोष्ठी में प्रो. कमलेश झा, प्रो. हरीश्वर दीक्षित, प्रो. पतंजलि मिश्र, प्रो. उपेंद्र त्रिपाठी, प्रो. गोपाल प्रसाद शर्मा, पवन मिश्रा, डॉ. शंकर प्रसाद गौतम, विवेक चतुर्वेदी आदि ने विचार रखे।