विघ्न विनायक गणपति बप्पा के दरबार सजाने की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। नयनाभिराम प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना सजे धजे पंडालों में की जाएगी। इसके लिए पूजा समितियों ने जगह-जगह इंतजाम पूरे कर लिए हैं। करीब 15 से अधिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं झांकियां सजाई जाएंगी। गणपति के दरबारों में रंगोली, अल्पनाओं, मेहंदी सजाओ प्रतियोगिताओं की भी धूम मचेगी। विसर्जन विवाद को लेकर सुर्खियों में आई श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति की ओर से इस बार फिर अग्रवाल भवन में लाल बाग के राजा की प्रतिमा प्रतिष्ठापित की जाएगी। नगीने से जड़ित छह फीट गणपति की प्रतिमा प्राकृतिक रंगों से तैयार की जा रही है।
पांच सितंबर को सविधि मंत्रोच्चार के साथ प्रतिमा की प्रतिष्ठापना की जाएगी। समिति के अध्यक्ष संतोष पाटिल ने बताया कि अलग-अलग तिथियों में संगीतमय प्रस्तुतियों के अलावा मेहंदी, हल्दी, कुमकुम और फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी। विसर्जन शोभायात्रा में महाराष्ट्र से आए 70 कलाकार कला का प्रदर्शन करेंगे। शारदा भवन में अमरुद की लकड़ी से तैयार भोसले घाट के महल की अनुकृति वाले मंच पर गणपति की प्रतिमा विराजित होगी।
नूतन बालक गणेशोत्सव समाज सेवा मंडल की ओर से गणेश भवनम गणेश दीक्षित लेन में भी प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मंडल अध्यक्ष योगेश सप्तर्षि ने बताया कि नाना फड़नवीस के बाड़े (दुर्गा घाट) में प्रतिमा प्रतिष्ठापित की जाएगी। लोकमान्य सार्वजनिक श्रीगणेशोत्सव की ओर से पांच स्थानों पर प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना की जाएगी। समिति ने इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली है। समिति के कार्यक्रम समन्वयक उपेंद्र विनायक सहस्त्रबुद्धे ने बताया कि उनकी प्रतिमाओं का जहां उत्सव वहीं विसर्जन होगा। ऐसे में अनुमति की आवश्यकता नहीं समझी गई।