मुठभेड़ के बाद घटना की जानकारी देते अधिकारी।
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हनुमान फाटक नवापुरा निवासी साड़ी का पत्ता काटने वाले रवि चौहान उर्फ पप्पू और मोहम्मद ताजिम का एक दिन पूर्व बृहस्पतिवार को मोहल्ले की चाय की दुकान पर मामूली बात पर हाथापाई हो गई थी।
इस दौरान पान दुकानदार अशोक कुमार पासवान और गणेशु ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया। ताजिम ने धमकी दी कि अंजाम बुरा होगा। मनबढ़ किस्म का ताजिम चार दिन पूर्व ही सूरत से घर लौटा था। रात लगभग तीन बजे वह नेशनल इंटर कॉलेज की ओर से हनुमान फाटक पुलिस चौकी की तरफ आने वाली गली में घुसा।
ताजिम ने पहले पान दुकानदार अशोक कुमार पासवान (60) पर सोते समय पटिया से हमला किया। इसके तुरंत बाद कुछ दूरी पर स्थित दुकान में सो रहे साड़ी कारीगर रवि चौहान के सिर पर तीन बार पटिया पटकी।
मृतक पप्पू की फाइल फोटो।
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चीख-पुकार सुनकर चबूतरे पर सो रहे ड्राई क्लीनर गणेशु कनौजिया (55) उठे तो ताजिम ने भागते समय उनके सिर पर ईंट से हमला किया। गणेशु के घर के बाहर आसपास लगे सीसी कैमरों में यह वारदात कैद हुई। रात में सूचना पर पहुंची आदमपुर पुलिस ने घायलों को कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराया, जहां रवि चौहान को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
उधर, पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिजनों ने हनुमान फाटक पर रवि चौहान का शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की।
घटनास्थल पर छानबीन करती पुलिस।
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पिता पर भी उठा चुका है हाथ
एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि रवि चौहान अविवाहित था। घर के पास ही दुकान में साड़ी का पत्ता काटता था। साड़ी कारीगरी के जरिये परिवार का पोषण करता था। आरोपी ताजिम के बारे में जानकारी मिली कि वह काफी मनबढ़ किस्म का है। उसकी करतूत को देखते हुए परिजन उसे घर से दूर रखते थे। पिछले कुछ माह से वह सूरत चला गया था और वहीं साड़ी कारीगरी करता था। कुछ दिन पहले घर लौटा तो अपने पिता पर भी हाथ उठा दिया था। मोहल्ले में भी लोगों से उसकी बनती नहीं थी। गलत संगत में रहता था।
हत्या में प्रयुक्त पटिया को ताजिम ने काशी स्टेशन के मालगोदाम रोड के पास झाड़ियों में छिपाया था। पत्थर बरामदगी के लिए आरोपी को लेकर एसओजी और आदमपुर पुलिस जा रही थी। इस बीच राजघाट पिकेट के पास आरोपी ने जीप में बैठे पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन ली और झाड़ियों की तरफ भागते समय फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में उसके दाहिने पैर में गोली लगी। - वैभव बांगर, एडीसीपी, काशी जोन