ख्वातीन ने जब अंगूरों वाला ताबूत उठाया तो फिजा में हाय इमामे रजा... की सदाएं गूंज उठीं। जियारत को अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को 40 साल पुरानी रवायत को निभाते हुए ख्वातीन ने ताबूत उठाया। काली महल शिया जामा मस्जिद इमाबाड़ा हाशिम रिजवी से ख्वातीन ने पूरी अकीदत और एहतराम के साथ अंगूरों वाला ताबूत उठाया। इससे पहले मजलिस हुई। मजलिस का आगाज तलत फातिमा और कनीज फातिमा ने कलाम पाक की तिलावत से किया। आफरीन नसरीन आब्दी ने इमाम की शान में मर्सिया पढ़ा। नौशीन फातिमा सलमान ने कहा कि इमामे रजा को धोखे से अंगूर में जहर देकर शहीद कर दिया गया था। मेहरीन फातिमा ने दर्द भरे कलाम पेश किए जिसे सुनकर ख्वातीन की आंखों से आंसू छलक पड़े। मिनहाज फातिमा ने कहा कि इमाम का पूरा जीवन सब्र और इल्म की तालीम के लिए जाना जाता है। नुजहत फातिमा के संयोजन में हुए इस आयोजन में उस्ताद बिस्मिल्लाह की बड़ी बेटी जरीन फातिमा ने नौहा पेश किया। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर ने बताया सोमवार से इमाम हुसैन के चेहल्लुम का पहला जुलूस बहेलिया टोला में स्वर्गीय राहत हुसैन के निवास से उठाया जाएगा।