देवी की अराधना का पर्व नवरात्र 19 से 27 मार्च तक चलेगा। प्रो. नागेंद्र पांडेय ने बताया कि इस दौरान लग्न के मुहूर्त नहीं बनेंगे। इसलिए शादियां नहीं होंगी। बाकी मांगलिक कार्य होंगे। इसमें यज्ञोपवीत संस्कार, मुंडन, अन्नप्राशन, दुकान का उद्घाटन आदि मंगल कार्य होंगे। साथ ही गया तीर्थ पर श्राद्ध कर्म पर खरमास का कोई बंधन नहीं होता है।
25 जुलाई से चातुर्मास
देवशयनी एकादशी यानी चातुर्मास शुरू हो जाएगा। आषाढ़ शुक्ल पक्ष हरिशयनी एकादशी 25 जुलाई को है, जो कार्तिक शुक्ल पक्ष प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी 20 नवंबर तक चलेगा। इस बीच एक बार फिर चार माह से अधिक समय तक मांगलिक कार्य पर विराम लगा रहेगा। शादी सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं होंगे।
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अप्रैल, मई और जून में ज्यादा लगन
मार्च में 2, 3, 4, 8, 9, 11 व 12, अप्रैल में 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 व 29, मई में 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 व 14, जून में 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 व 29 और जुलाई में 1, 6, 7, 11 व 12 को विवाह होंगे। चातुर्मास के बाद नवंबर में 20, 25 और 26 तथा दिसंबर में 3 व 4 को ही लग्न है।