ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध देव बुद्धि, त्वचा, व्यापार व धन के ग्रह है। मंगल ग्रह भी 18 दिसंबर तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे। बुध की वक्री चाल से कुछ राशियों के भाग्य में वृद्धि हो सकती है। जब सूर्य गोचरवश धनु और मीन में प्रवेश करते हैं तो इसे क्रमश: धनु संक्रांति व मीन संक्रांति कहा जाता है। सूर्य किसी भी राशि में लगभग एक माह तक रहते हैं। खरमास में सभी प्रकार के शुभ कार्य- जैसे विवाह, मुंडन, सगाई व गृह प्रवेश के साथ व्रत आरंभ आदि वर्जित रहते हैं।
विवाह शुभ मुहूर्त 2025
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2025 में 14 जनवरी को खरमास का खत्म होगा। 16 जनवरी से विवाह सहित अन्य सभी तरह के मंगल कार्य शुरू होंगे। पंचांग के अनुसार जनवरी में 10 दिन फरवरी में 14 दिन, मार्च में 5 दिन, अप्रैल में 9 दिन, मई में 15 दिन, जून में 5 दिन के विवाह मुहूर्त हैं। इसके बाद जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में विवाह के मुहूर्त नहीं हैं। चार माह के लिए भगवान विष्णु शयन में चले जाते हैं। नवंबर में 13 दिन और दिसंबर 2025 में मात्र तीन दिन विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। नये साल 2025 में 74 दिन शहनाई बजेगी।
जनेऊ का शुभ मुहूर्त फरवरी 2025 से आरंभ हो रहा है। फरवरी में तीन और सात फरवरी, मार्च में नौ और 10 मार्च, अप्रैल में सात, आठ, मई में 2, 7, 8, 29, जून में 5 एवं 6 को जनेऊ के शुभ मुहूर्त मिलेंगे। इसके अलावा मुंडन के लिए 31 जनवरी, फरवरी में 3, 7, 10, 17 और मार्च में 6, 10 को मुहूर्त हैं। अप्रैल में 17, 30, मई में 8, 9, 28, जून में 5, 6, 26, 27 और जुलाई में 2 और 4 को मुहूर्त मिलेंगे।