फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खादी ग्रामोद्योग मंत्री बोले- ‘खादी फॉर फैशन’ को ‘खादी फॉर नेशन’ बनाएंगे

Fri, 25 Aug 2017 11:19 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,भदोही
विज्ञापन
गेराईं में बंद पड़े कंबल कारखाने का उद्घाटन खादी ग्रामोद्योग मंत्री ने किया - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
प्रदेश के खादी ग्रामोद्योग एवं प्रोत्साहन मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि ‘खादी फॉर फैशन’ को ‘खादी फॉर नेशन’ बनाएंगे। गुजरात की तर्ज पर प्रदेश में खादी नीति लाकर सूबे को उत्तम प्रदेश बनाएंगे।
विज्ञापन


वह शुक्रवार को भदोही के गेराईं स्थित बंद कंबल कारखाने के दोबारा लोकार्पण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी का सपना था कि खादी के माध्यम से हर हाथ को काम देना है।

पूर्ववर्ती सरकारों ने इस पर ध्यान नहीं दिया,  लेकिन भाजपा गांधी जी के संकल्पों को आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों की समृद्धि चाह रहे हैं। सूबे में बंद कंबल कारखानों को चालू किया जा रहा है। उन्हें नई-नई तकनीकी से लैस किया जाएगा।
विज्ञापन


सरकार का प्रयास है कि किसानों की तैयार सब्जियां उनके खेत से ही ली जाएं। कंबल कारखाना चलने से लोगों को रोजगार मिलेगा। कारखानों से जो कंबल बनेंगे, उसे सरकार खुद खरीदेगी। सेना, अस्पताल समेत अन्य क्षेत्रों में इसकी खपत होगी। इस दौरान कारखाने की खराब स्थिति पर अफसरों को फटकार लगाई।  
   
विज्ञापन

खादी की गुणवत्ता से समझौता नहीं

खादी ग्रामोद्योग एवं प्रोत्साहन मंत्री सत्यदेव पचौरी - फोटो : अमर उजाला
कंबल कारखाना के लोकार्पण के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए खादी ग्रामोद्योग एवं प्रोत्साहन मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि खादी के माध्यम से सभी का विकास होगा। जल्द ही कालीन नगरी के घरों में राष्ट्रीय ध्वज बनेगा। इसके लिए भारत सरकार से वार्ता चल रही है।

खादी से विकास की नई शुरुआत होगी। उन्होंने कहा कि खादी का उत्पादन बढ़ाने के लिए लोगों को उत्पादन पर 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी सब्सिडी कर दी गई है। गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा।

इसके लिए कई स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। कहा कि देवरिया में सोलर लाइट से चरखे चलने लगे हैं। भदोही में भी सोलर चरखे की व्यवस्था की जाएगी। वर्तमान में कंबल कारखाने का एक कंबल 465 रुपये में पड़ रहा है। इसका दाम कम करने के लिए भी प्रयास किया जाएगा।  

2010 में बंद हुआ था कारखाना  
 गोपीगंज के गेराईं में जिस कंबल कारखाने को शुक्रवार को दोबारा चालू किया गया, उसकी स्थापना 1956 में हुई थी। खादी ग्रामोद्योग अधिकारी जवाहर लाल ने बताया कि यहां का कंबल सेना को अधिक दिया जाता था। क्वालिटी सही न होने का हवाला देकर सेना ने मना कर दिया।

इसके बाद स्थिति सही होने पर 2010 में कारखाना बंद हो गया। उन्होंने कहा कि कारखाना लीज की जमीन पर है। दोबारा चालू होने से इसका भविष्य बेहतर होगा।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें