काशी में आयोजित इस पांच दिवसीय कार्यशाला में दिव्यांग बच्चों को भी माैका दिया जाएगा। इसके साथ ही चित्रकार भी यहां प्रशिक्षण ले सकते हैं। इस कार्यशाला का नाम कथारंग रखा गया है।
Varanasi News: पांच शहरों में प्रतिभाओं को तराशने के बाद बनारस के बच्चों के लिए पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। वसंत थियोसॉफिकल सोसाइटी कमच्छा के प्रांगण में 28 जुलाई से एक अगस्त तक बच्चों को कथक व चित्रकारी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद दो अगस्त को प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के कलाकारों के साथ मंच साझा करने का अवसर मिलेगा।
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यह जानकारी पं. बिरजू महाराज की नातिन व शिष्या शिंजिनी कुलकर्णी ने रविवार को दी। उन्होंने बताया कि साई शिंजिनी अकादमी और पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत कथारंग कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला पूरी तरह से निशुल्क है।
अभी तक 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया है। बच्चों को कथक के साथ चित्रकारी का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। सात साल से अधिक उम्र के सभी सरकारी स्कूलों के बच्चे इसमें हिस्सा ले सकते हैं। पांच दिनों के प्रशिक्षण के बाद बच्चे अपनी प्रस्तुतियां देंगे। चित्रकारी सीखने वाले बच्चों की प्रदर्शनी लगेगी।
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बच्चों को उनके प्रदर्शन के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ ही प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसमें दिव्यांग छात्र-छात्राएं भी हिस्सा ले सकते हैं। पहले आओ पहले पाओ के आधार पर पंजीकरण किया जा रहा है। कथक नृत्य का प्रशिक्षण शिंजिनी कुलकर्णी और चित्रकारी का प्रशिक्षण चित्रकार संजिब गोगोई देंगे।