वाराणसी में बुधवार को बीएचयू के ओमकार नाथ ठाकुर सभागार में आयोजित कथक कार्यशाला में छात्रो के स
बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय के नृत्य विभाग की ओर से पद्मविभूषण पं. बिरजू महाराज को समर्पित तीन दिवसीय कथक नृत्य कार्यशाला का समापन मंगलवार को हुआ। समापन समारोह में कथक की परंपरा, शास्त्रीय अनुशासन और गुरु-शिष्य परंपरा की झलक साफ दिखाई दी।
तीन दिनों तक चली इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ और प्रख्यात कथक व ओडिसी नृत्यांगना गुरु पार्वती दत्ता ने विद्यार्थियों को कथक के तकनीकी और अभिनय पक्षों की बारीकियां सिखाईं। उन्होंने उठान, आमद, परन नटवरी टुकड़ा और ध्रुपद जैसी कथक की प्रमुख विधाओं का अभ्यास कराया और पं. बिरजू महाराज की शैली और सौंदर्यबोध से भी छात्रों को रूबरू कराया। समापन समारोह में छात्र-छात्राओं ने कथक के तकनीकी पक्ष के साथ-साथ ध्रुपदांगी नृत्य की प्रस्तुति दी। राग बसंत पर आधारित यह प्रस्तुति दर्शकों को खास तौर पर पसंद आई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ध्रुपद गायक पं. ऋत्विक सान्याल रहे। इस मौके पर संकाय प्रमुख प्रो. संगीता पंडित सहित कई वरिष्ठ गुरुजन मौजूद रहे। नृत्य विभागाध्यक्ष डॉ. दीपान्विता सिंह राय, पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. विधि नागर, वाद्य विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश शाह, प्रो. प्रवीण उद्धव, प्रो. के. शशिकुमार, प्रो. रेवती साकलकर, प्रो. संगीता सिंह, डॉ. निखिल भगत, डॉ. चंदन विश्वकर्मा, डॉ. रंजना उपाध्याय, डॉ. शुभंकर डे आदि मौजूद रहे।