तीन दिनों तक डांस, म्यूजिक और रॉक बैंड की प्रस्तुतियां काशीयात्रा को बनाएंगी खास
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आईआईटी बीएचयू के 35वें सांस्कृतिक महोत्सव ‘काशीयात्रा 2017’ का आगाज गुरुवार को स्वतंत्रता भवन में शास्त्रीय कार्यक्रमों के साथ हुआ।
आधुनिकता और पारंपरिकता का मेल लिए इस काशीयात्रा के पहले दिन देबंजन भट्टाचार्य जी का सरोद वादन हुआ जो वहीं इटली की कलाकार एलियाना ने ओडिसी नृत्य से काशीयात्रा में एक अलग भी रंग भरा।
इसके पहले काशीयात्रा का औपचारिक उद्घाटन आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. राजीव संगल और एलआईसी के मंडल प्रबंधक सुधांशु शेखर ने किया।
देबंजन भट्टाचार्य ने सरोद पर ध्रुपद धमार बजाकर सभागार में आईआईटियंस को मुग्ध किया।
उनके साथ पखावज पर अंकित और तबले पर रजनीश तिवारी ने संगत किया।
इनके बाद एलियाना ने ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया। उन्होंने शब्द स्वर पल्लवी ताल में ओडिसी नृत्य प्रस्तुत किया।
संगीत एवं मंच कला संकाय के विदिशा हाजरा ने गायन और अनन्या त्रिपाठी ने शास्त्रीय नृत्य पेश किया।
इस अवसर पर राजीव संगल ने कहा कि उत्सव की सफलता का पैमाना बड़े कलाकारों से नहीं छात्र-छात्राओं के परस्पर संबंध, अनुभव और सहयोग से है। डीन प्रो. एके मुखर्जी ने बताया कि काशीयात्रा ने एक लंबी दूरी तय की है। ये देश भर के छात्र-छात्राओं को एक सूत्र में बांधने का काम करता है।