गंगा स्वच्छता अभियान से काशीवासियों को जोड़ा जाएगा। नमामि गंगे योजना के तहत गुरुवार से गंगा स्वच्छता पखवाड़ा शुरू हुआ। इस दौरान अभियान चलाकर गंगा में सफाई के लिए लोगों को प्रेरित किया जाएगा। गंगा स्वच्छता पखवाड़ा का शुभारंभ गुरुवार को नगर निगम में मेयर रामगोपाल मोहले और नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही ने किया।
नमामि गंगे योजना के तहत गंगा के किनारे स्थित नगरीय क्षेत्रों, कस्बों, घाटों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को राष्ट्रीय नदी की स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाना है। नदी में जलीय जंतुओं को संरक्षित करने के प्रति भी लोगों को जागरूक करना है। 31 मार्च तक चलने वाले अभियान की जिम्मेदारी पर्यावरण शिक्षण केंद्र को दी गई है। उद्घाटन के मौके पर मेयर ने गंगा निर्मलीकरण के लिए जन जागरूकता और सहभागिता को जरूरी बताया। नगर आयुक्त ने सफाई दूतों, नागरिकों से अपील की कि वे अभियान से जुड़ें।
क्षण केंद्र के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर नीरज कुमार पाल ने बताया कि अभियान में प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, गंगा टास्क फोर्स, एनएसएस, नेहरू युवा केंद्र, रोटरी क्लब का भी सहयोग लिया जाएगा। इस मौके पर सहायक नगर आयुक्त रमेश सिंह, सरिता तिवारी, पिंटू कुमार, नीलू मिश्रा, डॉ. रितू गर्ग मौजूद रहीं।
काशी में निर्मल गंगा के प्रयासों में तेजी आने के आसार हैं। गंगा के जलमार्ग के विकास के साथ ही नालों को बंद किया जाएगा। ताकि गंगा निर्मलीकरण का सपना साकार हो सके। इसके तहत 151 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें घाटों की सफाई के साथ ही असि और वरुणा से आग रहे सीवर को रोकने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
जल मार्ग विकास के तहत करीब चार सौ करोड़ रुपये की योजना पहले से ही प्रस्तावित है। इसके तहत मल्टी मॉडल टर्मिनल, रीवर इन्फारमेशन प्रणाली, नाइट नेविगेशन प्रणाली के अलावा रो-रो क्रासिंग का निर्माण होना है। अब केंद्र ने काशी में गंगा स्वच्छता के लिए 151 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी देकर इसे और आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक इसके तहत असि और वरुणा नदी से आ रहे सीवर को रोकने के अलावा गंगा में गिरने वाले 23 से अधिक नालों को बंद किया जाएगा। घाटों की सफाई के अलावा कचरा छानने के लिए आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी। पीएम के संसदीय क्षेत्र में गंगा को निर्मल करने के लिए व्यापक कदम उठाए जाएंगे।