वाराणसी। दुनिया को देववाणी सिखाने वाली काशी संस्कृत बोर्ड परीक्षा की टॉप-10 में नहीं जगह बना पाई। संस्कृत के पांच हजार साल की विरासत वाले शहर को संस्कृत की बोर्ड परीक्षा में निराशा हाथ लगी।
शुक्रवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं के रिजल्ट में काशी का कोई भी गुरुकुल और संस्कृत छात्र टॉप-10 में स्थान नहीं बना सका। ये तब है जब बनारस में संस्कृत बोर्ड के 10 और 12वीं में 2483 विद्यार्थी हैं। कक्षा 10 में 1155 छात्र व 224 छात्राएं और 12वीं में 957 छात्र और 147 छात्राएं पढ़ाई कर रहीं हैं।
बीते 28 फरवरी तक जिले के 12 केंद्रों पर बोर्ड की परीक्षाएं कराई गई थीं, उसके बाद से इसके रिजल्ट का इंतजार चल रहा था। सबसे ज्यादा 21 टॉपर्स प्रतापगढ़ के विद्यालयों से निकले हैं। जौनपुर से दो विद्यार्थी, अमरोहा चार और एक गोंडा जिले का आया है। वहीं पिछली बार की तुलना में उत्तीर्ण होने वालों की संख्या 2.79 फीसदी बढ़ी है।