धर्मशाला परिसर के 200 स्क्वायर फीट हिस्से पर बाबा का नाम दर्ज
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धनतेरस पर बाबा विश्वनाथ के अचल खजाने में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई। लंबे इंतजार के बाद छत्ताद्वार से लगे पांचों पांडवा धर्मशाला के एक हिस्से को बाबा विश्वनाथ के नाम दान कर दिया गया। शेष हिस्सेदारों से भी संपर्क मंदिर प्रशासन ने साधा है, ताकि धर्मशाला की बाबा के नाम रजिस्ट्री कराई जा सके।
पांचों पंडवा धर्मशाला को खरीदने के लिए लंबे समय से विश्वनाथ मंदिर प्रशासन मशक्कत कर रहा है। इसके हिस्सेदार के विदेश में रहने और कुछ किराएदारों की अड़ंगेबाजी के चलते अभी तक इस दिशा में सफलता नहीं मिल सकी थी।
इस धर्मशाला के एक साझीदार ने अपने हिस्से के भवन को बाबा के नाम दान करने की इच्छा जताई थी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने दस्तावेजों की जांच कराने के बाद उन्हें भवन दान में देने की अनुमति दे दी।
धनतेरस पर मंगलवार को धर्मशाला के एक हिस्से के साझीदार शिवपुर निवासी केके गुप्ता ने रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचकर उस भाग को बाबा विश्वनाथ के नाम दान कर दिया, जिस पर उनका नाम दर्ज था।
धर्मशाला के करीब 200 स्क्वायर फीट एरिया वाले हिस्से को उन्होंने दान किया। दान की प्रक्रिया एसीईओ निखिलेश कुमार मिश्र ने मंदिर प्रशासन की ओर से पूरी कराई। एसीईओ ने बताया कि इस प्रक्रिया में 72.50 लाख रुपये का स्टांप लगाया गया।