श्री विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने के लिए खरीदे गए भवनों का ध्वस्तीकरण का कार्य चल रहा है। इस कार्य को पूरा करने के लिए कमिश्नर ने अंतिम तिथि 31 अक्तूबर तय कर दी है।
वहीं इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मात्र 14 दिन शेष है। ऐसे में समय कम और काम अधिक होने की वजह से मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है। हादसे की आशंका से निपटने के लिए एनडीआरएफ भी तैनात कर दी गई हैं।
श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनाने के लिए तय की गई 25 हजार वर्ग मीटर भूमि में से कुल 296 भवनों को खरीदना है। इनमें से करीब 65 प्रतिशत भवन खरीद लिए गए हैं। इस समय 60 जगहों पर भवनों के तोड़ने का काम चल रहा है। इस काम में 600 से अधिक मजदूर लगाए गए हैं।
एक मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, लेखपाल के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है, जो तोड़ने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही है। मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने बताया कि संकीर्ण गलियां और पुराने जर्जर मकानों की वजह से ही एनडीआरएफ को भी तैनात किया गया है।