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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का नक्शा फाइनल, शासन लगाएगा अंतिम मुहर 

Tue, 25 Dec 2018 10:34 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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amarujala - फोटो : amarujala
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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए अहमदाबाद की कंपनी द्वारा बनवाए जा रहे नक्शे को स्थानीय स्तर से पास कर दिया गया है। अब शासन इस पर अंतिम मुहर लगाएगा। नक्शा बनने से कॉरिडोर का काम और तेजी से आगे बढ़ेगा।
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काशी विश्वनाथ मंदिर, मणिकर्णिका घाट और ललिता घाट के बीच 25,000 स्क्वायर वर्ग मीटर में बनने वाले कॉरिडोर का नक्शा अहमदाबाद में रविवार को फाइनल किया गया। तीन बार संशोधन के बाद अंत में कमिश्नर ने इस नक्शे को अहमदाबाद में फाइनल कर दिया। इस नक्शे को लेकर ही वह दो दिन से अमदाबाद में विशेषज्ञों की टीम के साथ थे।

नक्शे में श्रद्धालुओं के लिए संग्रहालय, प्रतीक्षालय, यज्ञ मंडप के अलावा अनुष्ठान आदि सुविधाएं शामिल की गई हैं। नक्शा बनाने वाली अहमदाबाद की कंपनी ने नक्शे में वास्तु कला के अलावा धार्मिक रीति-रिवाज का भी ध्यान रखा है।
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नक्शे को बनाने में काशी के पौराणिक इतिहास व पुरातत्वविदें से पूछताछ कर उनके द्वारा बताए गए नियमों का भी खयाल रखा है। कॉरिडोर का काम जनवरी में शुरू होना है। प्रशासनिक अमला इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है। संभवत: कॉरिडोर के निर्माण का कार्य मकर संक्रांति के बाद किया जाएगा। 

पांच स्थानों पर लगेंगे फूड स्ट्रीट के स्टॉल 

कमिश्नर दीपक अग्रवाल का कहना है कि कंपनी ने जरूरत के अनुसार प्रजेंटेशन दिया। अब कंपनी शासन स्तर पर प्रजेटेंशन करेगी। शासन स्तर से ही यह फाइनल होगा। फूड स्ट्रीट और रिवर फ्रंट का भी प्रस्तुतीकरण हुआ है।

कमिश्नर ने बताया कि प्रवासी भारतीय दिवस के दौरान पांच स्थानों पर फूड स्ट्रीट भी लगाए जाएंगे। ये उन स्थानों पर लगेंगे, जहां सड़कें चौड़ी होंगी और फुटपाथ होगा। फुटपाथ के बाद इन स्टॉलों को लगाया जाएगा, जहां से प्रवासी खरीदारी कर सकेंगे। उनकी पसंद का भी खयाल रखा जाएगा।

कमिश्नर ने रिवर फ्रंट को भी देखा। बताया कि वरुणा कॉरिडोर में इसे अमलीजामा पहनाने पर विचार किया गया है। वरुणा कॉरिडोर के रिवर फ्रंट को विकसित करने के काम सपा सरकार में शुरू हुए थे। इस काम को दिसंबर तक खत्म करना है। 
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अब कॉरिडोर में जाएंगे ट्रैक्टर ट्राली

जेसीबी के बाद अब कॉरिडोर क्षेत्र में मलबा हटाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली भेजने की तैयारी हो रही है। इसके लिए रविवार को पुराने मार्ग पर लगाए गए टिन शेड को खोलने का काम शुरू हो गया। इससे जेसीबी द्वारा ध्वस्त किए जा रहे भवनों के मलबे को निकालने में आसानी होगी। कॉरिडोर क्षेत्र में कुल चार चरणों में काम होना है।

पहले चरण के निर्माण के लिए मंदिर और आसपास की जगह खाली कराई जा रही है। जिस गति से शनिवार को काम शुरू हुआ है, उससे लग रहा है कि कुछ दिन में ही मंदिर के आसपास काफी स्थान हो जाएगा। शनिवार शाम को मंदिर में पहुंची जेसीबी ने कॉरिडोर क्षेत्र के अंदर भवनों को तोड़ कर समतल करने का काम शुरू कर दिया है।

जेसीबी से ही आगे का रास्ता भी बनाया जा रहा है, ताकि मलबा ले जाने के लिए ट्रैक्टर ट्राली भी पक्के महाल क्षेत्र में पहुंच सकें। ध्वस्तीकरण के प्रभारी तहसीलदार अविनाश कुमार ने बताया कि जल्द ही मलबा ढोने के लिए बड़े वाहन भी कॉरिडोर में भेज जाएंगे। इसके लिए रास्ता बनाया जा रहा है।
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