पॉलिथीन के खिलाफ देश भर में चल रही लड़ाई में अब काशी विश्वनाथ मंदिर बडे़ अभियान का साक्षी होगा। काशी पुराधिपति की नगरी में 19 जून से पालीथिन को लेकर प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के 500 मीटर की परिधि में पॉलिथीन पर रोक लगा दी गई है।
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अब नगर निगम की ओर से यह पूरा क्षेत्र नो पॉलिथीन जोन घोषित किया गया है। बाबा दरबार से लेकर गंगा घाट तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। इसमें पॉलिथीन का प्रयोग करने वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं में कार्रवाई और जुर्माना वसूला जाएगा।
प्रदूषण और साफ-सफाई पर देशभर में किरकिरी के बाद वाराणसी में हमारा लक्ष्य, काशी स्वच्छ अभियान को नए सिरे से शुरू किया जा रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की स्वच्छता को मॉडल के रूप में पूरे जिले में इसे लागू कराया जाएगा।
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मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल की पहल पर नगर निगम ने काशी विश्वनाथ परिसर को नो पॉलिथीन जोन घोषित किया है। इसमें पालीथिन की बिक्री और उपयोग करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा ऐसा करने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर से गंगा घाट तक नो पॉलिथीन जोन घोषित किया गया है। नगर निगम की टीम ने ललिता, दशाश्वेमध और राजेंद्र प्रसाद घाट पर भी यह प्रतिबंध प्रभावी किया है। पॉलिथीन पर प्रतिबंध के लिए दंडात्मक, जागरूकता और इससे जुड़े अन्य अभियान चलाए जाएंगे।