बाबा का भागीरथी श्रृंगार
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दूसरा सोमवार
सावन के दूसरे सोमवार पर वाराणसी की गलियां, सड़कें सब शिवमय हो गए। काशी विश्वनाथ मंदिर में आज शाम गौरी-शंकर का विशेष श्रृंगार हुआ।
बाबा का गौरी शंकर श्रृंगार
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तीसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का अमृत वर्षा श्रृंगार
वैसे तो श्री काशी विश्वनाथ का प्रतिदिन फूल मालाओं से श्रृंगार होता है, लेकिन सावन के सभी सोमवार पर बाबा अलग-अलग रूपों में भक्तों को दर्शन देते हैं। सावन के तीसरे सोमवार को बाबा का अर्धनारीश्वर का श्रृंगार सुगंधित फूलों से करने की परंपरा है। लेकिन इस बार मलमास के कारण सावन के तीसरे सोमवार पर बाबा विश्वनाथ का अमृत वर्षा श्रृंगार हुआ।
बाबा का भागीरथी श्रृंगार
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चौथे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का भागीरथी श्रृंगार
चौथे सोमवार को बाबा विश्वनाथ का भागीरथी श्रृंगार हुआ। पांचवें सोमवार को तपस्यारत पार्वती श्रृंगार, छठवें सोमवार को शंकर पार्वती और गणेश श्रृंगार के दर्शन भक्तों को हुए। सातवें सोमवार को अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में भगवान शिव गर्भगृह में विराजमान हुए। अंतिम व आठवें सोमवार को बाबा विश्वनाथ का रुद्राक्ष श्रृंगार कराया जाएगा।
बाबा का भागीरथी श्रृंगार
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सावन के पांचवें सोमवार पर बाबा का श्रृंगार
सावन के पांचवें सोमवार पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के साथ तपस्यारत पार्वती के शृंगार के भी दर्शन कर रहे हैं। मंगला आरती के बाद से आठ बजे तक ढाई लाख से ज्यादा भक्तों ने शीश नवाया। मध्यरात्रि के बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होने लगे थे। रविवार को शयन आरती तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए।
विश्वनाथ, गौरा और गणेश का श्रृंगार:
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सावन के छठे सोमवार पर बाबा का श्रृंगार
सावन के छठवें और पुरुषोत्तम मास के अंतिम सोमवार को शिवभक्त पुत्र प्रथमेश के साथ भगवान शंकर और मां पार्वती का श्रृंगार हुआ। श्रद्धालुओं को महादेव के इस स्वरूप के दर्शन सप्तऋषि आरती के बाद मिले।
अर्धनारीश्वर स्वरूप में बाबा विश्वनाथ ने श्रद्धालुओं को दिए दर्शन
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सावन के सातवें सोमवार पर बाबा का श्रृंगार
सावन के सातवें सोमवार पर बाबा विश्वनाथ ने अपने भक्तों को अर्द्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन दिए। शाम 7 बजे तक बाबा विश्वनाथ धाम में 5.42 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया। वहीं, श्रावण मास के सातवें सोमवार तक 1.34 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर लिया है।
बाबा विश्वनाथ का हुआ श्रृंगार
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रुद्राक्ष शृंगार में दर्शन देंगे बाबा
सावन के अंतिम सोमवार को काशी विश्वनाथ का रुद्राक्ष शृंगार किया जाएगा। एक लाख रुद्राक्ष के दानों से श्रीकाशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग और शिव-पार्वती की प्रतिमा का अद्भुत स्वरूप सजेगा। बाबा विश्वनाथ की करीब एक घंटे तक महाआरती होगी। भक्त बाबा के रुद्राक्ष स्वरूप का दर्शन पूजन करेंगे।
रविवार की सुबह 4.30 बजे से दर्शन पूजन
काशी विश्वनाथ धाम परिसर में सावन के अंतिम सोमवार के दर्शन पूजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शनिवार से भक्तों ने दर्शन-पूजन शुरू कर दिए हैं। रविवार की मध्य रात्रि से भक्त बाबा के दर्शन पूजन के लिए कतारबद्ध हो जाएंगे। मंगला आरती के बाद सुबह 4.30 बजे दर्शन पूजन का सिलसिला आरंभ होगा।
मार्कंडेय महादेव धाम में चार लाख भक्तों के आने का अनुमान
कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव मंदिर में भी साढ़े चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसके अलावा बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, रोहनिया शूलटंकेश्वर महादेव, कर्दमेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर, गौरी केदारेश्वर महादेव, सारंगनाथ महादेव सहित शहर के सभी शिवमंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रहेगी।
काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालु (लाख में)
पहले सोमवार- 5.50
दूसरे सोमवार-5.50
तीसरे सोमवार-06
चौथे सोमवार-6.50
पांचवें सोमवार-6.60
छठवें सोमवार-6.15
सातवें सोमवार- 6.85 लाख
सावन के अंतिम सोमवार को बड़ी संख्या में भक्तों के आने का अनुमान है। मंदिर की तरफ से तैयारियां की जा रही हैं। कांवडियों व भक्तों पर पहले की तरह पुष्पवर्षा की जाएगी।-
सुनील कुमार वर्मा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी