इसके साथ ही उनके लिए रामचरित मानस, शिव महापुराण कथा और भजन-कीर्तन का भी इंतजाम किया गया है। बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ही गंगा छोर पर रैंप और एस्कलेटर की सुविधा को शुरू कर दिया गया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम की वेबसाइट पर मुमुक्षु भवन के संचालन की जानकारी ऑनलाइन कर दी गई है।
दो मंजिला है मुमुक्षु भवन
श्री काशी विश्वनाथ धाम में गंगा के छोर पर बने दो मंजिला भवन मुमुक्षु भवन को 1161 वर्ग मीटर में निर्मित किया गया है। इसमें मोक्ष की कामना से 40 बुजुर्गों के रहने का इंतजाम किया गया है। इसके लिए मेडिकल बेड लगाए गए हैं और परिसर में ही चिकित्सक की भी व्यवस्था होगी। बुजुर्गों की नियमित स्वास्थ्य जांच हो सकेगी।
तारा संस्था के स्थानीय प्रबंधक कौमुदीकांत आमेटा ने बताया कि परिजनों और बुजुर्ग की सहमति के बाद पहचान पत्र के आधार पर बुजुर्गों को यहां रखा जाएगा। यहां बुजुर्गों के लिए मेडिकल सुविधा के साथ ही केयर टेकर का भी इंतजाम किया गया है। अशक्त बुजुर्गों के लिए केयर टेकर रखे जाएंगे और वह उनके खाने-पीने, कपड़े धोने के साथ ही उनकी देखभाल करेंगे।
यहां आने के बाद बार-बार घर जाने की इजाजत नहीं रहेगी। मुमुक्षु भवन छोड़कर जाने वाले को दोबारा प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मुमुक्षु भवन के बाद मानसरोवर (कैफेटैरिया), महाकालेश्वर (टीएफसी) और इंपोरियम को भी शुरू कर दिया जाएगा।
गोदौलिया पर पहले से है मुमुक्षु भवन
- फोटो : अमर उजाला
अस्सी और गोदौलिया क्षेत्र में पहले से मुमुक्षु भवन संचालित हो रहा है। अस्सी के मुमुक्षु भवन में मोक्षार्थियों के अलावा वृद्धजन भी आकर रहते हैं। गोदौलिया स्थित काशी लाभ मुक्ति भवन में मोक्षार्थी को 15 दिन के लिए कमरा दिया जाता है। निर्धारित अवधि बीतने के बाद मोक्षार्थी के स्वास्थ्य में सुधार होने पर उसे वापस लौटा दिया जाता है। वहीं अगर मोक्षार्थी की स्थिति गंभीर है तो उसे और 15 दिन की मोहलत मिलती है। मोक्षार्थी को निशुल्क रहने को कमरा मिलता है।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में बनने वाला बाजार सावन के बाद गुलजार होगा। मंदिर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। धाम की दुकानें धीरे-धीरे सजने लगी हैं। दुकानों के आवंटन का काम अंतिम चरण में चल रहा है। धाम क्षेत्र में खाने-पीने की दुकानों पर केवल ब्रांडेड और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ ही बेचने की अनुमति रहेगी।
काशी विश्वनाथ धाम का परिसर श्रद्धालुओं से गुलजार हो गया है। सावन के 15 दिनों में ही रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं की संख्या को देख मंदिर प्रशासन बेहद उत्साहित है। दुकानों को जल्द से जल्द शुरू करने की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। धाम क्षेत्र से लेकर गंगा किनारे तक खुलने वाली खानपान की दुकानों के लिए बड़ी-बड़ी कंपनियों को आवंटन किया गया है।
बाकी दुकानों के आवंटन का काम अंतिम दौर में चल रहा है। धाम क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फूड चेन के आउटलेट खुलेंगे। खास बात यह है कि इन सभी दुकानों पर पकाने की सुविधा नहीं होगी। ग्राहकों को केवल डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध कराए जाएंगे। धाम क्षेत्र की सुरक्षा के लिहाज से मंदिर प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
गंगा किनारे खुलने वाले कैफेटेरिया का स्वरूप भी अब तैयार हो चुका है। इसके साथ ही धाम क्षेत्र में सफाई करने वाली कंपनी ने अपना काम शुरू कर दिया है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि ई टेंडर के माध्यम से लगातार दुकानों का आवंटन किया जा रहा है। कई सुविधाओं के लिए कंपनियों का आवंटन कर दिया गया है