एक किलोमीटर लंबे इस क्षेत्र से श्रद्धालु स्नान करके आसानी से मंदिर तक दर्शन पूजन करने के लिए जा सकेंगे। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि 26 दिसंबर तक कंपनी चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसका टेंडर ईपीसी (इंजीनियरिंग प्रेक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) के तहत किया जाएगा।