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बाबा के गौने पर रार, आयोजन पर बंटा परिवार

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वाराणसी। काशी विश्वनाथ की वर्षो पुरानी विवाह परंपरा पर इस बार रार मच गया है। शहर के आध्यात्मिक और अनूठे आयोजन पर पूर्व महंत परिवार बंट गया है और इनमें पंचबदन प्रतिमा को लेकर खींचतान मच गई है। पूर्व महंत का आवास क्षतिग्रस्त होने के बाद मंदिर परिसर में रखी गई पंचबदन प्रतिमा अचानक एक परिवार में चली गई और बाबा सिंहासन दूसरे परिवार में तैयार कराया जा रहा है। दोनों ही परिवार सामंजस्य बनाने को तैयार नहीं है। ऐसे में 13 फरवरी से शुरू होने वाली परंपरा पर ही संशय खड़ा हो गया है।
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दरअसल, काशी विश्वनाथ परिसर में स्थित पूर्व महंत डा. कुलपति तिवारी का आवास अधिग्रहित कर लिया गया है। अचानक उनके घर के क्षतिग्रस्त होने के कारण पंचबदन प्रतिमा को मंदिर परिसर में रखवा दिया गया था। मलबे से निकले बाबा के सिंहासन को नए सिरे से तैयार कराया जा रहा है। उधर, मंदिर परिसर से पंचबदन प्रतिमा निकलकर पूर्व महंत डा. कुलपति तिवारी के भाई लोकपति तिवारी के आवास पर पहुंच गई है। लोकपति तिवारी इस प्रतिमा और आयोजन पर अपना अधिकार बता रहे हैं और किसी भी सूरत में प्रतिमा देने को तैयार नहीं है। वो सभी आयोजन अपने आवास से कराना चाहते हैं। जबकि पूर्व महंत कुलपति तिवारी इस परंपरा पर अपना अधिकार बता रहे हैं और प्रतिमा वापसी के लिए अड़े हैं। परंपरा के अनुसार बृहस्पतिवार को पंचबदन प्रतिमा की पूजा अर्चना शुरू होगी। रंगभरी एकादशी को बाबा का गौना होना है।
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