छात्र नेताओं ने काउंसिलिंग कमेटी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना कमेटी की मदद से इस साल प्रवेश परीक्षा में पास हुए छात्र-छात्राओं का नंबर कहां से मिला। वहीं दूसरे पक्ष के छात्र नेता गौरव सिंह ने बताया जिस दिन प्रवेश परीक्षा हो रही थी, उसी दिन सभी परीक्षा केंद्रों से विद्यार्थियों व उनके परिजनों के नंबर लिए था। परीक्षा के परिणाम आने के बाद जिन विद्यार्थियों ने प्रवेश परीक्षा पास किया था उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से काउंसिलिंग संबंधित जानकारियां दी गई थी।
प्रवेश काउंसिलिंग की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए 22 सितंबर को विश्वविद्यालय प्रशासन व छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में छात्र प्रतिनिधियों को काउंसिलिंग की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। प्रशासन की ओर से अपील भी की गई थी कि बिना किसी बाधा के काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।