महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध सात महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। सामूहिक नकल के आरोप में परीक्षा समिति की पूर्व में हुई बैठक में ये निर्णय लिया गया था।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने महाविद्यालयों को नोटिस जारी कर 15 दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। इन सभी महाविद्यालयों के स्नातक के परीक्षा परिणाम रोके जाने का भी आदेश दिया गया है।
काशी विद्यापीठ की सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान उड़ाका दल ने भदोही के दो और बलिया के चार महाविद्यालयों में सामूहिक नकल के आरोप में पकड़ा था। उड़ाका दल की रिपोर्ट के अनुसार परीक्षा समिति ने इन महाविद्यालयों से स्पष्टीकरण मांगा है।
इसमें मुरलीधर उच्च शिक्षा संस्थान गोलखरा भदोही, श्री संकट मोचन महिला महाविद्यालय दानीपट्टी भदोही, विवेकानंद महाविद्यालय बलिया, विवेकानंद गर्ल्स विद्यापीठ इब्राहीमपट्टी बलिया, मां धनेश्वरी देवी महाविद्यालय कुशहां बलिया और जनता महाविद्यालय नगरा बलिया महाविद्यालय शामिल हैं।
वहीं बलिया के देवेंद्र पीजी कालेज में हुई बीए प्रथम वर्ष भूगोल की द्वितीय प्रश्नपत्र के मूल्यांकन के दौरान कई विद्यार्थियों का उत्तर एक समान था। इससे इस महाविद्यालय में भी सामूहिक नकल के आरोप लगे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन सभी महाविद्यालयों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
सोनभद्र के दो कॉलेजों की संबद्धता समाप्त
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने सोनभद्र के तीन महाविद्यालयों पर कार्रवाई की है। इसमें दो महाविद्यालयों की संबद्धता समाप्त कर दी गई है, वहीं एक महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
तीनों ही महाविद्यालयों में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है और द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को आसपास के महाविद्यालय में दाखिला लेने की अनुमति दे दी गई है।
सोनभद्र के सीताराम सिंह महाविद्यालय नरोखर को एक जुलाई, 2014 को तीन साल के लिए अस्थायी संबद्धता दी गई थी। एक जुलाई, 2017 को अस्थायी संबद्धता पूरी हो गई। इस दौरान महाविद्यालय ने स्थायी संबद्धता का प्रस्ताव विश्वविद्यालय को प्रस्तुत नहीं किया।
इसे देखते हुए कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग ने महाविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2017-18 में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया है। कुलसचिव ओमप्रकाश ने बताया कि ऐसे ही रानी लक्ष्मीबाई महिला महाविद्यालय सोनभद्र को एक जुलाई 2016 को अस्थायी संबद्धता दी गई थी लेकिन महाविद्यालय के पास निर्धारित मानक के अनुसार भूमि न होने के कारण संबद्धता समाप्त कर दी गई है। इसी तरह सोनभद्र महाविद्यालय की भी संबद्धता समाप्त कर दी गई है।