महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में होने वाले नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया से छात्रों को रूबरू कराया जाएगा। साथ ही तैयारियों में भी शामिल किया जाएगा। छात्रों को स्वच्छता जैसे कार्यों से भी जोड़ा जाएगा। बृहस्पतिवार को राजभवन में कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विद्यापीठ में होने वाले नैक मूल्यांकन से पहले सेल्फ स्टडी रिपोर्ट की समीक्षा की। कुलपति प्रो. एके त्यागी को कई जरूरी सुझावों पर अमल करने को कहा।
विश्वविद्यालय को 2004 में बी प्लस, 2012 में बी और 2018 में सी ग्रेड हासिल हुआ था, अब ग्रेड सुधारना चुनौती बनी है। कुलाधिपति ने नैक मूल्यांकन के लिए विश्वविद्यालय में गठित टीम के सदस्यों से बिंदुवार जानकारी ली। कहा कि मूल्यांकन के लिए पहले से जानकारी, फोटो के साथ होनी चाहिए। अनावश्यक उल्लेख को हटाने और कागजात पर रजिस्ट्रार के हस्ताक्षर को जरूरी बताया। कुलाधिपति ने कहा कि विद्यार्थियों को परिसर में हस्तनिर्मित वस्त्र बनाने, स्वच्छता अभियान जैसे अभियान से जोड़ना होगा। संस्कृत विश्वविद्यालय के पुस्तकालय का उपयोग भी काशी विद्यापीठ के छात्र कर सकते हैं।