महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के तीन विभागों का नाम बदल दिया गया है। अब दर्शन, संस्कृत और योग-नेचुरोपैथी विभाग को उसके नए नाम से जाना जाएगा। इसके साथ ही गंगापुर परिसर का नाम भी बदलने का निर्णय लिया गया है।
विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद की बैठक में इसका फैसला लिया गया। इसके अलावा शिक्षकों के वेतन संरक्षण पर भी अहम निर्णय लिया गया। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी की अध्यक्षता में हुई बैठक में विश्वविद्यालय के वार्षिक बजट को पास किया गया। इसमें डॉ. विभूति नारायण सिंह गंगापुर परिसर का नाम बदलकर अब महाराजा डॉ. विभूति नारायण सिंह गंगापुर परिसर कर दिया गया।
दर्शनशास्त्र विभाग का नाम दर्शन एवं योग विज्ञान विभाग, संस्कृत एवं अन्य प्राच्य भाषा विभाग का नाम संस्कृत, धर्म एवं अन्य प्राच्य भाषा विभाग और योग एवं नेचुरोपैथी विभाग का नाम बदलकर योग एवं प्रकृति चिकित्सा विभाग करने पर मुहर लगाई गई।
साथ ही संविदा कर्मियों के वेतन वृद्धि और छह प्राध्यापकों को वेतन संरक्षण (पे-प्रोटेक्शन) देने का निर्णय लिया गया। तीन मृतक आश्रित (दो तृतीय श्रेणी व एक चतुर्थ श्रेणी) की नियुक्ति पर भी सहमति बनी। वहीं, संकाय निर्धारण के प्रस्ताव को भी पास किया गया। इस दौरान वित्त समिति, प्रवेश समिति एवं विद्या परिषद के निर्णयों को पास किया गया। बैठक में कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय, वित्त अधिकारी संतोष शर्मा, उप कुलसचिव हरीश चंद मौजूद रहे।